👉 भारत निर्वाचन आयोग का बड़ा निर्णय, पहली बार ERO और AERO का मानदेय निर्धारित
👉 उत्तराखण्ड में लगभग 13 हज़ार बीएलओ, 70 ईआरओ होंगे लाभान्वित
सीएनई रिपोर्टर, देहरादून/दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन ड्यूटी में तैनात कार्मिकों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों के वार्षिक पारिश्रमिक को बढ़ाकर दोगुना कर दिया है, जबकि BLO पर्यवेक्षकों के पारिश्रमिक में 6 हजार की वृद्धि की गई है। इसके अलावा पहली बार निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण व सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के लिए मानदेय निर्धारित किया गया है।
आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों के वार्षिक पारिश्रमिक को 6000 रूपये से बढ़ाकर 12000 रुपये कर दिया है। साथ ही BLO पर्यवेक्षकों को मिलने वाली राशि 12000 को बढ़ाकर 18000 प्रति वर्ष कर दिया है। आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य के लिए BLO को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये कर दी है। निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के रूप में कार्य कर रहे उप जिला मजिस्ट्रेटों को अब 30000 रुपये वार्षिक मानदेय दिया जाएगा, जबकि सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के रुप में कार्यरत तहसीलदार स्तर के अधिकारियों को 25000 वार्षिक दिए जाएंगे।
यह निर्णय निर्वाचन आयोग की उन चुनाव कार्मिकों को पर्याप्त मुआवजा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो सटीक मतदाता सूची बनाये रखने, मतदाताओं की सहायता करने और चुनावी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए क्षेत्र स्तर पर अथक परिश्रम करते हैं। उत्तराखंड में वर्तमान में लगभग 13000 BLO कार्यरत हैं, जबकि ERO के रूप में करीब 70 उप जिला मजिस्ट्रेट नियुक्त हैं, जो मतदाता सूची की तैयारी और निर्वाचन प्रक्रिया को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्हें लाभ मिलेगा।
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