HomeBreaking NewsThe Pallas Fish-Eagle : राजधानी पहुंचा दुर्लभ बाज का जोड़ा, ​रोचक तथ्य

The Pallas Fish-Eagle : राजधानी पहुंचा दुर्लभ बाज का जोड़ा, ​रोचक तथ्य

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A pair of rare Pallas Fish-Eagle reached

पलास फिश ईगल

CNE DESK/बाज पक्षी की अपनी अलग ही शान होती है। जहां बाज आकाश में दिखाई देता है, वहां पंछियों के दल में खलबली मच जाया करती है। बाज की कई प्रजातियां हैं, इनमें से एक पलास/पलाश फिश ईगल (Pallas’s fish eagle) भी एक है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है यह प्रजाति मछलियों के कुशल शिकारी के रूप में जानी जाती है। लंबे समय की गैर हाजिरी के बाद गत दिवस अचानक देहरादून में पलाश फिश ईगल का जोड़ा दिखाई दिया। जिसने पंछी प्रेमियों को उत्साह से भर दिया है।

Pallas Fish-Eagle
Pallas Fish-Eagle

जानिए पलास फिश ईगल के बारे में रोचक तथ्य :

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Pallas Fish-Eagle की पहचान इसके सफेद चेहरे व हल्के रेतेले भूरे हुड से होती है। इसकी लंबाई अन्य पक्षियों की उपेक्षा काफी अधिक होती है। इसकी लंबाई 72 से 85 सेमी और पंखों का फैलाव 180-215 सेमी (5 फीट 11 इंच – 7 फीट 1 इंच) होता है। मादा बाज का वजन आम तौर पर 2.1 से 3.7 किलोग्राम (4.6 से 8.2 पाउंड) हो सकता है। देखा गया है कि पलास के मछली ईगल का वजन 4 से 5.5 किलोग्राम (8.8 से 12.1 पाउंड) और लंबाई 240 सेमी (7 फीट 10 इंच) तक होती है।

बाज की इस प्रजाति का आहार

इस प्रजाति के आहार में मुख्य रूप से नदी, तालाब, समुद्रग की मछलियां शामिल होती हैं ।
इसके बावजूद यह मछली ईगल अन्य पक्षियों का भी शिकार कर लेते हैं सांप, मेढक, कई कीड़े भी इनकी आहार श्रृंख्ला में शामिल हैं। यह ईगल मुख्य रूप से भारत के अलावा रूस, तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान, कजाकिस्तान, मंगोलिया, चीन, नेपाल, बांग्लादेश , म्यांमार और भूटान में देखे जाते हैं।

देहरादून में यहां देखा गया जोड़ा

यह प्रजाति इन दिनों आसन वेटलैंड Asan Wetland में दिखाई दी है। दून के वन्य जीव फोटोग्राफरों के एक समूह ने गत दिवस इस जोड़े की फोटो खींच सबको सुखद अहसास कराया है। जिसका कारण यह है कि लोग इस दुर्लभ प्रजाति के बाज का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। आसन वेटलैंड में इनकी मौजूदगी काफी अहम मानी जा रही है।

गत दिवस रविवार को आसन बैराज में आए छायाकारों के एक दल ने वेटलैंड से लगे एक पेड़ पर उतरे पलाश ईगल को इसके शिकार के साथ स्पाट किय है। उम्मीद है कि वह यहां अपना घोंसला भी तैयार करेंगे।

बर्ड वाचिंग के लिए पहुंचे थे छायाकार

यूरोपीय देशों से आने वाले पंछी मेहमानों को देखने फोटोग्राफरो का एक दल आसन वेटलैंड में पहुंचा था। बर्ड वाचिंग के दौरान उन्हें बाज का यह जोड़ा अचानक दिखाई दिया। इस दौरान उन्होंने इसके कई फोटो खींच लिए।

Know about Pallas Fish-Eagle

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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