सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। मानसून काल अभी शुरू भी नहीं हुआ, लेकिन लोगों की परेशानियों बढ़ने लगी है। बारिश के चलते चौंरा गांव में एक गोशाला की छत उड़ गई है। इसके अलावा जिला मुख्यालय समेत दुग-नाकुरी के गांव में दो बजे से बिजली गुल है।
ऊर्जा निगम को लोगों की परेशानी से कोई लेना देना नहीं रह गया है। अभी मानसून काल शुरू नहीं हुआ तब यह हाल है। तहसीलदार बागेश्वर ने बताया कि बारिश व हवा के कारण ग्राम अनेरिया क्षेत्र चौरा में मुन्नी देवी पत्नी स्व. चंचल राम की आवासीय मकान से लगभग दस मीटर दूर गौशाला की टिन की छत उड़ गई।

छत के क्षतिग्रस्त होने से जन हानि या पशु हानि नहीं हुई है। रविवार को कपकोट क्षेत्र में तेज बारिश होने से बागेश्वर में सरयू उफान पर आ गई। अचानक सरयू का पानी बढ़ने से नगर पालिका व पुलिस ने लोगों को सरयू नदी किनारे नहीं जाने की हिदायत दी। बाद में बारिश रुकने पर जलस्तर भी घट गया।
जिला मुख्यालय से लेकर गांव तक बिजली का संकट
बागेश्वर। जिला मुख्यालय से लेकर गांव तक बिजली का संकट गहरा गया है। रविवार को जिला मुख्यालय में दो बजे विकास भवन के समीप लाइन पर पेड़ गिरने से चौरासी, तहसील रोड, कठायतबाड़ा, बाजार आदि में बिजली गुल हो गई।
उधर काफलीगैर के बिजली घर में दोपहर बाद ब्रेकर जलने से क्षेत्र के कई गांवों की बिजली गुल हो गई। एसडीओ आनंद खोलिया ने बताया कि बागेश्वर और काफलीगैर क्षेत्र में शाम को बिजली सुचारू करा दी गई है।
दुगनाकुरी तहसील क्षेत्र की बिजली भी दो बजे से गुल होने के कारण 35 गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। देर शाम तक दुग-नाकुरी क्षेत्र में बिजली गुल रही। लोगों का कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है।
एसडीओ एसएस भंडारी ने बताया कि विजयपुर से बनलेख को जोड़ने वाली बिजली लाइन में खराबी आने से दिक्कत हो रही है। कमेड़ीदेवी वाली लाइन से दुगनाकुरी क्षेत्र को सप्लाई की जाएगी।

