ग्रामीणों में दहशत, , वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग
सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी अल्मोड़ा-हल्द्वानी राजमार्ग से लगे क्वारब क्षेत्र में इन दिनों गुलदार के बढ़ते आतंक ने स्थानीय निवासियों की रातों की नींद और दिन का चैन छीन लिया है। मंगलवार तड़के गुलदार ने आबादी के बिल्कुल करीब एक बैल को अपना निवाला बनाकर अपनी सक्रियता का अहसास कराया, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी डर का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार सुबह लगभग 5:00 से 5:30 बजे के बीच की है। क्वारब निवासी गोपाल सिंह एवं किशन सिंह के आवासीय भवनों के समीप एक आवारा बैल विचरण कर रहा था। इसी दौरान घात लगाकर बैठे गुलदार ने बैल पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
गुलदार की मौजूदगी और बैल की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण तुरंत सतर्क हो गए। ग्रामीणों ने एकजुट होकर शोर मचाया और बमुश्किल गुलदार को आबादी क्षेत्र से जंगल की ओर खदेड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गुलदार इतना बेखौफ था कि मानवीय शोर के बावजूद वह काफी देर तक वहीं डटा रहा।
खतरे के साये में ग्रामीण
क्वारब के ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार अब केवल जंगलों तक सीमित नहीं है, बल्कि सुबह-शाम बेखौफ होकर रिहायशी इलाकों की दहलीज तक पहुँच रहा है।
- दहशत का माहौल: सुबह तड़के काम पर निकलने वाले ग्रामीणों और स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए यह स्थिति बेहद घातक बनी हुई है।
- वन विभाग को सूचना: घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को मामले की आधिकारिक सूचना दे दी है।
“गुलदार अब हमारे घरों के आंगन तक दस्तक दे रहा है। अगर समय रहते इसे नहीं पकड़ा गया, तो भविष्य में किसी बड़ी मानवीय अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।” — स्थानीय निवासी
पिंजरा लगाने की पुरजोर मांग
घटना से आक्रोशित और भयभीत ग्रामीणों ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए अविलंब पिंजरा लगाया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि गुलदार को पकड़ने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल, विभाग की टीम से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की अपेक्षा की जा रही है।


