CNE DESK/यदि यह भ्रूण बोल सकता तो कहता, ”मां यदि पाल नहीं सकती थी, तो मुझे जन्म ही क्यों दिया। क्या अपराध था मेरा कि इस संसार में आते ही तूने मेरी जान ले ली।”
दरअसल, यह मामला काशीपुर का है, जहां मानवता शर्मसार हो गई है। आज यहां एक आवारा कुत्ता कुछ मुंह में दबाए घूम रहा था। जब एंबूलेंस चालक ने ध्यान से देखा तो मानव भ्रूण था। एक जवजात का शव। जिसे किसी मां ने पैदा होते ही लोक लाज के भय या अन्य किसी कारण से फेंक दिया होगा।
नहीं बख्शे जायेंगे दोषी
जिसके बाद उसने स्थानीय लोगों व पुलिस को सूचना दी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि इलाके के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा। बता दें कि यह मानव भ्रूण छह से सात माह का लग रहा है।
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।