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दुनिया की संबसे ऊंची चोटी Mount everest फतेह को भारतीय जवानों का 30 सदस्यी दल रवाना, ​किसी बुरे सपने की वजह से बीच से वापस लौटे 25 बार चोटी फतह करने वाले शेरपा

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सीएनई रिपोर्टर

विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतेह के लिए दुनिया भर के पर्वतारोहियों का दल रवाना हो चुका है, जिनमें 30 भारतीय जवान भी शामिल हैं। खास बात यह है कि 25 बार चोटी को फतह करने वाले 51 साल के कामी रीता शेरपा ने चोटी पर चढ़ने का अपना फैसला वापस ले लिया है और वह आधे रास्ते से वापस लौट आये हैं। उन्होंने अपने फैसले के पीछे एक बुरे सपने का जिक्र किया है, जिससे हर कोई हैरान है।

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उल्लेखनीय है कि माउंट एवरेस्ट फतह करना हर जांबाज के लिए उसके जीवन का सबसे बड़ा सपना रहता है। इन दिनों बेस कैंप में दुनियाभर से आये पर्वतारोहियों ने अपने—अपने टेंट लगाए हुए हैं। सभी लोग जोर—शोर से पर्वतारोहण की तैयारी कर रहे हैं। इन टेंट की संख्या 50 से अधिक बताई जा रही है।

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भारत के जो 30 जवान पर्वत चढ़ने वाले हैं उनमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, सीआईएसएफ, आईटीबीपी व एसएसबी आदि के जवान सम्मलित हैं। पर्वताराेहियाें के दल का नेतृत्व आरईपीएस रघुबीर लाल कर रहे हैं। सूचना मिली है कि यह दल शुक्रवार से अपना अभियान शुरू कर चुका है।

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वहीं एवरेस्ट को 25 बार फतह कर चुके 51 वर्षीय कामी रीता शेरपा वापस लौट गये हैं। उनका कहना है कि जब वह पर्वतारोहण की तैयारी में जुटे थे तभी रात उन्होंने एक भयानक सपना देखा। ​उन्हें लगता है कि माता रानी नही चाहतीं कि वह इस बार एवरेस्ट चढ़ें। हालांकि उन्होंने यह नही बताया कि वह सपना क्या था ?

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हिमालयी पर्वत श्रृंखला की सबसे ऊँची चोटी
माउंट एवरेस्ट हिमालय पर्वत श्रृंखला की सबसे ऊँची चोटी है। समुद्री सतह से 8848 मीटर यानी 29029 फुट ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट दुनिया का सबसे ऊँचा पर्वत है। तिब्बत में चोमोलुंग्मा और नेपाल में सागरमाथा के नाम से यह जाना जाता है। यह नेपाल (सागरमाथा जोन) और चीन (तिब्बत) की सीमा पर स्थित है।

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दुनिया की संबसे ऊंची चोटी Mount everest फतेह को भारतीय जवानों का 30 सदस्यी दल रवाना, ​किसी बुरे सपने की वजह से बीच से वापस लौटे 25 बार चोटी फतह करने वाले शेरपा

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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