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उत्तराखंड में राज्य कर्मचारियों को मिलेगा दीपावली बोनस, शासनादेश जारी

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सीएनई रिपोर्टर, देहरादून

राज्य सरकार ने दीपावली बोनस का शासनादेश जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य कर्मचारियों के लिए इसकी घोषणा कर दी है और वित्त विभाग की फाइल को मंजूर किया है। सचिव उत्तराखंड शासन दिलीप जावलकर की ओर से समस्त अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव व सचिव प्रभारी उत्तराखंड शासन को इस आशय का शासनादेश जारी किया है।

दिलीप जावलकर, सचिव, उत्तराखण्ड शासन की ओर से जारी यह आदेश अराजपत्रित श्रेणी के राज्य कर्मचारियों, राजकीय विभागों के कार्यप्रभारित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं व स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के कर्मचारियों तथा कैजुअल/ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को वर्ष 2021-22 के लिए उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) का भुगतान के सम्बन्ध में है।

पढिये पूरा शासनादेश –

उप सचिव, वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार केन्द्र सरकार के समूह “ग” के कर्मचारियों और समूह “ख” के सभी अराजपत्रित कर्मचारियों को वर्ष 2021-22 के लिए 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर (अधिकतम धनराशि रूपये 7000/- (रू० सात हजार मात्र) की सीमा निर्धारित करते हुए तदर्थ बोनस स्वीकृत किया गया है।

राज्य सरकार सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों और जिला पंचायत के समूह ‘ग’ एवं ‘घ’ के कर्मचारियों और समूह ‘ख’ के सभी अराजपत्रित कर्मचारियों जिनका ग्रेड वेतन रूपये 4800/- (पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स में लेवल-8) तक है, जो उत्पादकता से सम्बद्ध किसी बोनस स्कीम के अन्तर्गत नहीं आते हैं, को निम्नलिखित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) अनुमन्य किये जाने की राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं –

✒️ केवल वे कर्मचारी इन आदेशों के अन्तर्गत तदर्थ बोनस के पात्र होंगे, जो दिनांक 31-03-2022 को सेवा में थे और जिन्होंने 31 मार्च, 2022 तक न्यूनतम छः माह की निरन्तर एवं सन्तोषजनक सेवा की हो। वर्ष के दौरान छ महिने से पूरे एक वर्ष तक लगातार सेवा की अवधि के लिए पात्र कर्मचारियों को यथा अनुपात भुगतान किया जायेगा, पात्रता अवधि की गणना सेवा के महिनों (महिनों की निकटतम संख्या में पूर्णांकित संख्या) के रूप में की जायेगी।

✒️ उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) की गणना करने के लिए एक वर्ष की औसत परिलब्धियों को 30.4 (एक माह के औसत दिनों की संख्या) से विभाजित किया जाएगा तत्पचात दिये जाने वाले बोनस के दिनों की संख्या से इसको गुणा किया जायेगा। उदाहरण के लिए मासिक परिलब्धियों की उच्चतम गणना सीमा रूपये 7000 / (जहां वास्तविक परिलब्धियों रूपये 7000/- से ज्यादा है) मानते हुए 30 दिनों के लिए उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) रू० 7000X30/30.46907.89 (पूर्णांकित रू0 6908/-) होगा।

(iii) ऐसे कैजुअल/दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, जिन्होंने छः कार्य दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले तीन वर्ष अथवा इससे अधिक वर्ष में हर वर्ष कम से कम 240 दिन (पांच कार्य दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों के मामले में 3 या इससे अधिक वर्ष में हर वर्ष 206 दिन) कार्य किया है, इस उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) के पात्र होंगे। देय तदर्थ बोनस की राशि रूपये 1200X30/30.4 अर्थात रू0 1184.21 (पूर्णांकित रू0 1184/-) होगी। ऐसे मामलों में जहां वास्तविक परिलब्धियों रू0 1200/- से कम है, इस राशि की गणना वास्तविक मासिक परिलब्धियों के आधार पर की जाएगी।

(iv) इन आदेशों के अधीन तदर्थ बोनस की धनराशि रूपये के निकटतम् पूर्णाक में भुगतान की जायेगी।

(v) ऐसे कर्मचारी जिनके विरूद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही अथवा किसी न्यायालय में आपराधिक वाद लम्बित हो, को तदर्थ बोनस का भुगतान ऐसी अनुशासनात्मक कार्यवाही अथवा मुकदमें का परिणाम प्राप्त होने तक स्थगित रहेगा, जो दोषमुक्त होने की दशा में ही अनुमन्य होगा। जिन कर्मचारियों को वर्ष 2021-22 में किसी विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही अथवा आपराधिक मुकदमें में दण्ड दिया गया हो, उन्हें तदर्थ बोनस देय नहीं होगा।

(vi) किसी वित्तीय वर्ष के तदर्थ बोनस के सम्बन्ध में एक बार निर्णय ले लिये जाने के पश्चात आगामी वर्ष में किसी भी परिस्थिति में पुनर्विचार नहीं किया जायेगा ।

(vii) तदर्थ बोनस की स्वीकृति के फलस्वरूप ऐसे कार्मिकों को मानदेय केवल महत्वपूर्ण एवं विशिष्ट कार्यो के लिये ही दिया जायेगा ।

(viii) अवैतनिक अवकाश के मामलों को छोड़कर अन्य प्रकार के अवकाशों की अवधि को पात्रता अवधि की गणना के प्रयोजन के लिए आगणित किया जायेगा ।

(ix) लेखा वर्ष में किसी अवधि के लिए निलम्बित रहे कार्मिक को तदर्थ बोनस अनुमन्य नहीं होगा। ऐसा कार्मिक यदि निलम्बन की अवधि के लिए परिलब्धियों के लाभ सहित बहाल होता है तो वह तदर्थ बोनस के लाभ का पात्र होगा।

(x) ऐसे स्थानीय निकाय एवं विकास प्राधिकरण जो उक्त व्यय भार को वहन करने में सक्षम हों, के कर्मियों को भी तदर्थ बोनस की धनराशि उक्तानुसार देय होगी किन्तु उक्त का भुगतान सम्बन्धित निकाय/ विकास प्राधिकरण द्वारा अपने संसाधनों से स्वयं वहन करना होगा। इसके लिये शासन द्वारा कोई अनुदान नहीं दिया जायेगा।

  1. अनुमन्य तदर्थ बोनस का भुगतान नकद धनराशि के रूप में किया जायेगा।
  2. उक्त स्वीकृत तदर्थ बोनस को सम्बन्धित आय-व्ययक के उसी लेखाशीर्षक के नामे डाला जायेगा जिसमें सम्बन्धित कर्मचारियों के वेतन व्यय का वहन किया जाता है तथा उसे मानक मद “वेतन” के अन्तर्गत पुस्तांकित किया जायेगा।
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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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