हाय पानी: सोमेश्वर की 05 हजार की आबादी पानी को तरसी, एक तरफ मजदूरों से पानी ढुलान, दूसरी ओर विभाग बेसुध
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दिनकर प्रकाश जोशी, सोमेश्वर
सोमेश्वर बाजार, पलयूडा व हटयूडा ग्राम सभाओं को पानी पिलाने वाली पेयजल योजना अब शोपीस सी बन बैठी है। एक तरफ करीब 05 हजार की आबादी पेयजल को तरस रही है, तो दूसरी ओर जल संस्थान के अधिकारी कुम्भकर्णी नींद से जाग नहीं पा रहे।
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सोमेश्वर—पल्युडा—हटयूड़ा पेयजल योजना करीब 15 दिनों से खस्ताहाल पड़ी है। ऐसे में क्षेत्र की बड़ी आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है। हालत ये है कि लोग मजदूर लगवाकर पानी ढोने को मजबूर हैं। शिकायत करने पर विभागीय अधिकारी सिर्फ सांत्वना देते हैं।
मालूम हो कि यह योजना करीब 50 साल बूढ़ी है, जो समय के साथ ही जीर्ण—क्षीर्ण हो चुकी है और आए दिन पानी पिलाना बंद कर देती है, मगर इसका पुनर्गठन की जद्दोजहत नहीं हो पा रही है। आए दिन पानी पिलाने में यह योजना हांफने लगती है। मगर विभाग समस्या का स्थाई समाधान नहीं कर पा रहा है। इससे क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश पनप रहा है।
क्या कहती हैं ग्राम प्रधान
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ग्राम प्रधान सुनीता जोशी का कहना है की यह पेयजल योजना काफी पुरानी हो चुकी है। जो आए दिन जवाब दे रही है और इधर 15 अक्टूबर से मुख्य पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है। मगर विभाग कोई सुध नहीं ले रहा। उनकी मांग है कि इस योजना को जल जीवन मिशन के तहत झुपुलचौरा स्थित मुख्य इनटैक से पल्यूड़ा टैंक तक जोड़ा जाए और इसके लिए जल निगम सेशीघ्र सर्वे कराई जाए। इधर पखवाड़ेभर से पेयजलापूर्ति चरमराने से क्षेत्र के नवल जोशी, रमेश पाण्डेय, पंकज जोशी, पूर्व प्रधान भुवन पाण्डेय, जगदीश चन्द्र सहित कई लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया है।