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Viral truth : तो क्या नाक में नींबू डालने से खत्म हो जायेगा कोरोना ! जानिये हकीकत…

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सावधान ! अगर किसी वायरल वीडियो या सिर्फ किसी के दावों पर यकीन कर आप भी यह मानते हैं कि नाक में नींबू का रस डालने से कोरोना से बचाव या इसे खत्म किया जा सकता है तो यह बात पूरी तरह अब खारिज हो सकी है।

हां, नाक में नींबू का रस डालने से कोरोना तो खत्म नही होगा, लेकिन इंसान की जान जरूर जा सकती है। ऐसी ही एक घटना कर्नाटक के रायचूर में घट चुकी है। जहां एक शिक्षक की मौत इसलिए हो गई, क्योंकि उसने ऐसे ही दावों से प्रभावित होकर अपनी नाक में नींबू का रस डाला था।

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यहां से वायरल हुई यह फेक न्यूज —

सबसे पहले एक तिलकधारी बाबा का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ। जिसमें यह बाबा जी नींबू का रस नाक में डालने की विधि को कोरोना का रामबाण इलाज बताते हुए इसके इस्तेमाल की सलाह देते दिखाई दे रहे हैं।

इसके बाद देवरिया के पुलिस अधिकारी रामवृक्ष यादव बकायदा पुलिस की सरकारी जीप के आगे खड़े होकर लाउड​स्पीकर में नाक में नींबू का रस डालने की सलाह देते दिखाई दिये।

फिर पूर्व भाजपा सांसद और व्यापारी विजय संकेश्वर ने भी कोरोना के मरीजों के लिए ‘लेमन थिरेपी’ सुझाई। उन्होने कहा था कि नाक में नींबू का रस डालने से आक्सीजन का स्तर बढ़ता है और कोविड—19 से बचाव होता है।


झूठे दावों से भरमाई जनता और शुरू हुआ यह खेल —

इस तरह के झूठे दावों का कोरोना से परेशान जनता पर यह असर हुआ कि पूरे देश में लोगों ने नींबू जमकर खरीदने शुरू कर दिये। जिसके बाद कई इलाकों में तो हालात यह हो गये कि नींबू दोगुने दामों में बिकने लगा। मंडियों से नींबू गायब दिखने लग गये। घर—घर में लोग यह नुस्खा अपनाने में जुट गये।


तभी सामने आई ह्रदयविदारक घटना

फिर कर्नाटक में एक ऐसी घटना हो गई, जिसने पूरे देश की मीडिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
यहां रायसूर के रामतनाल गांव के रहने वाले शिक्षक बासवराज ने भाजपा के पूर्व सांसद विजय संकेश्वर के दावे से प्रभावित होकर शरीर में ऑक्सीजन बढ़ाने के लिए 28 अप्रैल को नाक में नींबू कर रस डाल लिया, जिसके बाद अस्पताल जाते वक्त रास्ते में मौत हो गयी। 43 वर्षीय बासवराज दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक के रायचूर जिले के एक सरकारी स्कूल में शिक्षक थे।

मृतक की पत्नी ने किया खुलासा
घटना के बाद मृतक बासवराज की पत्नी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि ”वह पूरे तौर पर स्वस्थ्य थे, लेकिन भाजपा नेता विजय संकेश्वर की प्रेस कांफ्रेंस को देखकर उन्होंने नाक में नींबू डाला, जिसके बाद से वह उल्टियां करने लगे। उनकी खराब होती हालत को देखकर हम लोग अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में मेरे पति बासवराज की मौत हो गयी।” इस घटना के बाद एक वकील व आरटीई कार्यकर्ता ने विजय संकेश्वर के खिलाफ मुख्य सचिव से शिकायत भी की थी।


पड़ताल में यह हकीकत आई सामने —

— हकीकत यह है कि नाक में नींबू का रस डालने से कोरोना संक्रमण ठीक होने या इससे बचाव के आज तक कोई प्रमाण नही मिले हैं।

— भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो ने लिखा है कि इन सब चीजों का कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नही है।

— विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा कि इस बात का कोई प्रमाण नही है कि नींबू कोविड 19 से बचा सकता है।

— भारत सरकार का आयुष मंत्रालय कहता है कि काढ़ा या हर्बल चाय में नींबू का रस डालने से रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता बढ़ती है, लेकिन नाक में नींबू का रस डालने से लाभ की कोई बात नही कही गई है।

— किसी भी सरकारी दस्तावेज या शोध में इस बात का जिक्र नही है कि नाक में नींबू का रस डालने से कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है।

निष्कर्ष —

नाक में नींबू का रस डालने से कोरोना संक्रमण से किसी तरह का बचाव नही होता और ना ही कोरोना हो जाने पर इसे नींबू के रस से खत्म किया जा सकता है। अलबत्ता काढ़े में नींबू का रस डालकर पीना, नींबू की चाय से जरूरी स्वास्थ्य संबंधी कुछ लाभ मिलते हैं।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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