व्यंग्य लघु कथा : जंगल राज में किसी ने कुछ नहीं देखा

कृष्णा कुमार, तलवंडी, राजस्थान एक दिन जंगल में मंकू सियार की बेटी नूरी नदी पर जल भरने जा रही थी। रास्ते में उसे कालू भेड़िया छेड़ने लगा। उसने आनाकानी की, चीखी-चिल्लाई, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। दरिंदा उसके साथ मुंह काला करके चला गया। रात भर में सारे जंगल में यह बात फैल गयी। … Continue reading व्यंग्य लघु कथा : जंगल राज में किसी ने कुछ नहीं देखा