HomeUttarakhandNainital”भारत में शिक्षक शिक्षा की उभरती प्रवृत्तियाँ” पुस्तक का विमोचन

”भारत में शिक्षक शिक्षा की उभरती प्रवृत्तियाँ” पुस्तक का विमोचन

एम.बी. पीजी कॉलेज हल्द्वानी में आयोजन

नवीन शैक्षिक अवधारणाओं पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण अकादमिक कृति

सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। एम.बी. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हल्द्वानी के बी.एड. विभाग के तत्वावधान में प्रो. (डॉ.) टी.सी. पाण्डेय एवं डॉ. अरुण कुमार चतुर्वेदी द्वारा संपादित पुस्तक “भारत में शिक्षक शिक्षा की उभरती प्रवृत्तियाँ” का भव्य विमोचन समारोह महाविद्यालय परिसर में गरिमामय एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षाजगत से जुड़े प्राध्यापकों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और भी बढ़ा दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एन.एस. बनकोटी ने की, जबकि प्रो. सीमा श्रीवास्तव, प्राचार्य, एल.बी.एस. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हल्दूचौड़ ने विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई। अतिथियों का पारंपरिक स्वागत एवं सम्मान किया गया, जिसके पश्चात विधिवत पुस्तक का विमोचन किया गया।

समकालीन चुनौतियों का ‘दस्तावेज’ है यह पुस्तक

उक्त पुस्तक का संपादन प्रो. (डॉ.) टी.सी. पाण्डेय, एम.बी. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हल्द्वानी तथा डॉ. अरुण कुमार चतुर्वेदी, एल.बी.एस. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हल्दूचौड़ द्वारा किया गया है। यह पुस्तक शिक्षक शिक्षा के समकालीन परिप्रेक्ष्य, नवीन शैक्षिक अवधारणाओं एवं उभरती प्रवृत्तियों पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण अकादमिक कृति है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भारतीय ज्ञान परंपरा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, समावेशी शिक्षा, सामाजिक-भावनात्मक अधिगम, मुक्त शैक्षिक संसाधन, शिक्षक शिक्षा के वैश्विक मॉडल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा पर्यावरण शिक्षा जैसे अत्यंत समसामयिक और प्रासंगिक विषयों का गहन एवं विश्लेषणात्मक विवेचन प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक न केवल शिक्षकों एवं शोधार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी, बल्कि नीति-निर्माताओं एवं शैक्षिक प्रशासकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ के रूप में मार्गदर्शक बनेगी।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. एन.एस. बनकोटी ने शिक्षक शिक्षा में गुणवत्ता संवर्धन, शोधपरक दृष्टिकोण तथा नवाचार की अनिवार्यता पर बल देते हुए कहा कि बदलते शैक्षिक परिदृश्य में ऐसी अकादमिक कृतियाँ शिक्षण-प्रशिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, सुदृढ़ एवं उद्देश्यपूर्ण बनाने में सहायक होती हैं। उन्होंने पुस्तक को समयानुकूल, दूरदर्शी एवं अत्यंत उपयोगी बताते हुए संपादकों के प्रयासों की सराहना की।

विशिष्ट अतिथि प्रो. सीमा श्रीवास्तव ने अपने प्रेरक संबोधन में पुस्तक के संपादकों एवं सहयोगी लेखकों को हार्दिक बधाई देते हुए इसे शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में शिक्षक शिक्षा के नवीन आयामों पर केंद्रित यह पुस्तक शिक्षकों, प्रशिक्षुओं एवं विद्यार्थियों को नई दिशा एवं दृष्टि प्रदान करेगी।

इस अवसर पर महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापकों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से प्रो. (डॉ.) टी.सी. पाण्डेय, डॉ. अरुण कुमार चतुर्वेदी, डॉ. अनीता जोशी, डॉ. शुभ्रा काण्डपाल, डॉ. सविता भंडारी, डॉ. रेणु रावत, डॉ. तनुजा मेलकानी, डॉ. माया जोशी, डॉ. ललित मोहन जोशी, डॉ. पूनम रानी, श्री वीरेन्द्र कुमार गुप्ता, नेहा पाण्डेय, श्री सूरज कुमार सहित अन्य प्राध्यापकगण, शिक्षाविद एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का प्रभावी, सुसंगठित एवं आकर्षक संचालन डॉ. माया जोशी द्वारा किया गया। बी.एड. विभाग के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अनीता जोशी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसमें सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

समग्र रूप से यह विमोचन समारोह शैक्षिक उन्नयन, शोध-संवर्धन एवं शिक्षक शिक्षा के नवाचारों की दिशा में एक प्रेरणादायी एवं स्मरणीय आयोजन सिद्ध हुआ।

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