अल्मोड़ा न्यूज: विश्वनाथ में मछलियों की मौत की जांच की मांग उठाई, पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने मौके पर जाकर देखी वस्तुस्थिति
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
एनआरएचएम के पूर्व उपाध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक ने पवित्र विश्वनाथघाट में क्षेत्र के लोगों द्वारा पाली गई मछलियों के मौत के कारणों की जांच की मांग उठा दी है। विश्वनाथ में एक साथ बड़ी संख्या में मछलियां मारे जाने की सूचना के बाद श्री कर्नाटक अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे और मामले पर जानकारी ली।
इसके बाद उन्होंने कहा कि अल्मोड़ावासियों के आस्था के प्रतीक विश्वनाथघाट के समीप नदी में क्षेत्रवासियों ने मछली मारने पर प्रतिबंध लगाया हैं। साथ ही मछलियों को पालकर संरक्षित किया था। श्री कर्नाटक ने कहा कि मौके पर नदी में भारी संख्या में मछलियों की मौत हुई है और सैकड़ों मछलियां तड़प—तड़प कर जान दे रही थी। उन्होंने मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक रितेश चंद एवं अन्य अधिकारियों से तत्काल पानी का सैंपल लेकर जांच करने, मृत मछलियों का पोस्टमार्टम करने तथा पानी का ऑक्सीजन लेबल जांचने की मांग की। उन्होंने मांग की है कि इसमें यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसे दंडित करने के लिए मत्स्य विभाग द्वारा एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने मौके से ही जिलाधिकारी से वार्ता नदी में फिर मछली बीज डलवाने का अनुरोध किया। श्री कर्नाटक ने कहा कि इस कृत्य को करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन से उन्होंने आग्रह किया कि विश्वनाथघाट में स्ट्रीट लाइट लगवान के साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाने चाहिए। इस दौरान श्री कर्नाटक के साथ सरपंच बच्ची सिंह सांगा, रोहित शैली, राकेश बिष्ट, भूपेंद्र शैली के अतिरिक्त देवेंद्र सिंह चौहान, राम सिंह सांगा, गोपाल सिंह सांगा, भगवत सिंह सांगा, बबलू चौहान, अनीता चौहान, पूर्व ग्राम विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह अधिकारी समेत कई लोग थे।