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क्वारब हादसा: केंद्रीय मंत्री ने लिया जायजा, कंपनी को कारण बताओ नोटिस

केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा को झेलना पड़ा जनता का भारी आक्रोश

तैनात होंगे पुलिस व कंपनी कर्मी

CNE REPORTER : अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर स्थित क्वारब डेंजर जोन में लगातार हो रहे हादसों और कार्यदायी संस्था की लापरवाही ने अब उग्र रूप ले लिया है। बीते दिन पहाड़ से बोल्डर गिरने के कारण हुए हादसे के बाद आज सोमवार को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा ने प्रशासनिक अमले के साथ मौके का मुआयना किया। इस दौरान उन्हें स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के तीव्र आक्रोश का सामना करना पड़ा।

उल्लेखनीय है कि अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-109) पर स्थित क्वारब डेंजर जोन एक बार फिर बड़े हादसे का गवाह बनते-बनते बच गया। बीते दिवस पहाड़ से निर्माण कार्य के दौरान अचानक भारी बोल्डर गिरने से एक स्कूटी सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि एक बालिका भी चोटिल हुई। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। आम नागरिकों ने निर्माण कार्य में लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल उठाए।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा सोमवार को मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। उनके साथ पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, एनएच रानीखेत के अधिशासी अभियंता अशोक चौधरी, एसडीएम अल्मोड़ा संजय कुमार, तहसीलदार एवं पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों और पत्रकारों ने मंत्री के समक्ष क्वारब डेंजर जोन की भयावह स्थिति और लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर तीखा रोष व्यक्त किया।

गौरतलब है कि क्वारब डेंजर जोन में बीते दो वर्षों से सड़क चौड़ीकरण और रखरखाव का कार्य चल रहा है। बावजूद इसके, यहां लगातार पहाड़ से पत्थर गिरने की घटनाएं हो रही हैं। इसके बावजूद इस मार्ग से नियमित रूप से भारी यातायात का संचालन किया जा रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ गई है। अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे का यह हिस्सा अब लगातार हादसों के कारण ‘डेंजर जोन’ के नाम से जाना जाने लगा है। यहां रोजाना घंटों लंबा जाम लगना भी आम बात हो गई है।

जनता का फूटा गुस्सा: “क्या बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है प्रशासन?”

निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिक, पत्रकार और पूर्व ग्राम प्रधान अनूप सिंह जीना व एडवोकेट बलजीत सिंह ने मंत्री के समक्ष तीखे सवाल रखे। ग्रामीणों का आरोप है कि बीते दो वर्षों से यहाँ सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है, लेकिन सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की जा रही है।

जब मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि “हनुमान जी की कृपा से बड़ी घटना टल गई”, तो इस पर एडवोकेट बलजीत सिंह ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि भगवान की कृपा अपनी जगह है, लेकिन विभाग और जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन किसी बड़ी जनहानि के बाद ही जागेगा?

मंत्री ने मौके पर ही निर्देश दिए कि अल्मोड़ा से पुलिस कर्मियों की नियमित तैनाती की जाएगी तथा संबंधित कंस्ट्रक्शन कंपनी के चार कर्मचारी भी स्थायी रूप से मौके पर तैनात रहेंगे, ताकि यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

कंस्ट्रक्शन कंपनी को कारण बताओ नोटिस

वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग प्रखंड रानीखेत के अधिशासी अभियंता अशोक चौधरी ने निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने पर संबंधित कंस्ट्रक्शन कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि कंपनी द्वारा संशोधित कार्य योजना बिना आवश्यक निर्माण पद्धति, यातायात प्रबंधन योजना और सुरक्षा उपायों के प्रस्तुत की गई, जो कि ईपीसी अनुबंध का सीधा उल्लंघन है।

22 फरवरी को हुई दुर्घटना को विभाग ने अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही का प्रत्यक्ष परिणाम बताया है। अधिशासी अभियंता ने निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत कार्य पद्धति मिलने तक सभी महत्वपूर्ण निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद किए जाएं

48 घंटे में विस्तृत योजना प्रस्तुत करने के निर्देश

कंपनी को 48 घंटे के भीतर विस्तृत कार्य योजना, यातायात प्रबंधन योजना, सुरक्षा योजना तथा जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर जोखिम न्यूनीकरण उपाय प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। यदि 25 फरवरी तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो कंपनी के विरुद्ध अनुबंध के तहत सख्त कार्रवाई, जुर्माना और अन्य दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।

ज्ञातव्य हो कि एनएच-109 अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों को जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां यातायात का दबाव अत्यधिक रहता है। ऐसे में निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए और क्वारब डेंजर जोन को स्थायी समाधान के साथ सुरक्षित बनाया जाए।

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