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रानीखेत : गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर कांग्रेसजनों ने निकाला मशाल जुलूस, महात्मा गांधी के जयघोषों से गूंज उठी गांधी कुटीर, पढ़िये यह ख़बर…..

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सीएनई​ रिपोर्टर, रानीखेत


स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी के तीन दिवसीय प्रवास और वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर कांग्रेसजनों ने महात्मा गांधी व अन्य स्वातंत्रय वीरों के जयकारों के साथ जोरदार मशाल जुलूस निकाला।
ज्ञात रहे कि एक लंबे समय से गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर यहां मशाल जुलूस निकालने की परंपरा है, जो अब भी कायम है। तय कार्यक्रम के मुताबिक यह जुलूस गत सायं 6 बजे ताड़ीखेत में गांधी कुटीर से खंडाखाल तक निकाला गया। जुलूस में शामिल कार्यकर्ता ‘महात्मा गांधी अमर रहे’, ‘सरदार बल्लभ भाई पटेल अमर रहे’ जैसे नारे लगाते चल रहे थे। ज्ञात रहे कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में सालम व खुमाड़ की ही तरह तत्कालीन पाली पछाऊ परगना का ताड़ीखेत क्षेत्र भी कुमाऊं में क्रांति का अग्रदूत रहा है। महात्मा गांधी अंग्रेजों के खिलाफ जब पर्वतीय क्षेत्रों के दौरे पर निकले थे तो वर्ष 1929 में 16 से 18 जून तक इसी स्थान पर रुके थे। यहां उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को एकत्र किया। आजादी के दीवानों की पाठशाला लगाई। तब क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों ने यहां गांधी कुटीर स्थापित की। तभी से यहां नौजवानों को प्रशिक्षण व आजादी की लड़ाई के लिये तैयार किया जाने लगा। ऐतिहासिक तथ्यों का अवलोकन करें तो 1930 से अंग्रेजों के खिलाफ गांधी का जन्मदिन मशाल जुलूस के रूप में मनाया जाने लगा। यह परंपरा आजादी के बाद रुकी। 1952 में ताड़ीखेत ब्लॉक के प्रमुख बने गोविंद सिंह माहरा (यूपी सरकार में वन मंत्री) ने परंपरा कायम रखी। हालांकि बाद में फिर मशाल निकालने का सिलसिला थमा। उत्तराखंड गठन के बाद प्रमुख बने करन माहरा ने इस परंपरा को पुन: शुरू कराया। बताया जाता है कि आजादी के बाद तक पूरी पाली पछाऊ यानी सल्ट, देघाट, चौखुटिया, द्वाराहाट, रानीखेत परगना आदि क्षेत्रों के सर्वदलीय लोग इसमें हिस्सा लेते थे। कालांतर में यह परंपरा केवल रानीखेत व ताड़ीखेत तक सीमित रह गई। मशाल जुलूस में कांग्रेस जिला अध्यक्ष महेश आर्या, ब्लाक अध्यक्ष गोपाल देव, पीसीसी कैलाश पांडेय, अमित पांडेय, सुंदर लाल गोयल, विश्व विजय माहरा, कुलदीप कुमार, अमन शेख, सोनू सिद्धकी, विजय तिवारी, चंदन बिष्ट, संदीप बंसल आदि कई कांग्रेसजन शामिल थे।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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