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वनाग्नि काल 2026 की तैयारी: रामगढ़ रेंज में चला जागरूकता अभियान

रामगढ़ में वनाग्नि नियंत्रण हेतु स्वास्थ्य शिविर और गोष्ठी

अहम संदेश — जनसहभागिता से ही बचेंगे जंगल

सीएनई रिपोर्टर, रामगढ़/नैनीताल। भूमि संरक्षण वन प्रभाग नैनीताल के अंतर्गत रामगढ़ रेंज द्वारा वनाग्नि काल 2026 की पूर्व तैयारियों को लेकर एक भव्य स्वास्थ्य शिविर और जन जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों, वन पंचायतों और पर्यटकों के बीच समन्वय स्थापित कर वनाग्नि (Forest Fire) नियंत्रण में जन-सहभागिता सुनिश्चित करना रहा।

रामगढ़ रेंज द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सबसे पहले एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों, वन पंचायत प्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों की स्वास्थ्य जांच की गई। इसके उपरांत वनाग्नि गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें जंगलों में आग लगने के कारणों, उससे होने वाले नुकसान और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

रामगढ़ में वनाग्नि नियंत्रण हेतु स्वास्थ्य शिविर और गोष्ठी
रामगढ़ में वनाग्नि नियंत्रण हेतु स्वास्थ्य शिविर और गोष्ठी

कार्यक्रम का संचालन वन क्षेत्राधिकारी रामगढ़ रेंज नितीश तिवारी द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि वनाग्नि केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि मानव जीवन, वन्यजीव, जैव विविधता और पर्यटन के लिए भी गंभीर खतरा है। इसलिए समय रहते जनजागरूकता और प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है।

जनसहभागिता पर दिया विशेष जोर

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपाध्यक्ष उत्तराखंड ओलंपिक संघ एवं अध्यक्ष हिमालय रक्षा अभियान समिति उत्तराखंड भगवान कार्की, भगवती जोशी, हरीश त्रिपाठी, गितेश त्रिपाठी तथा स्टार ग्लोबल सोसायटी के सचिव आरएस बिष्ट मौजूद रहे।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि वनाग्नि नियंत्रण में जनसहभागिता सबसे प्रभावी हथियार है। यदि स्थानीय लोग, वन पंचायतें और प्रशासन मिलकर काम करें तो जंगलों को आग से बचाया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे आग लगने की किसी भी घटना की तुरंत सूचना दें और स्वयं भी सावधानी बरतें।

वनाग्नि नियंत्रण का प्रशिक्षण भी

गोष्ठी के दौरान वनाग्नि नियंत्रण प्रशिक्षण का भी आयोजन किया गया, जिसमें आग बुझाने के आधुनिक और पारंपरिक तरीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि किस प्रकार प्रारंभिक स्तर पर आग को नियंत्रित कर बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।

बैठक में सरपंचों एवं पंचों ने भी अपने विचार रखे और स्थानीय स्तर पर आग की घटनाओं को रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में पवन कुमार, भगवती प्रसाद जोशी, रमेश चंद्र पाण्डेय, दिव्या पाण्डेय, मोहित कुमार, मनीषा भंडारी चौहान, सोनू बिष्ट, सरपंच महेंद्र सिंह, सागर सिंह जीना, रमेश चंद्र त्रिपाठी, नर सिंह बिष्ट, मनीष पाण्डेय, खजान चंद्र त्रिपाठी, मनोज कुमार, जानकी रावत, राजेंद्र सिंह रावत, दीपक बोरा, हरीश चंद्र त्रिपाठी, डुंगर सिंह शाही, मनोज जोशी, डॉ प्रदीप, डॉ श्रेया, डॉ अमित, महिमा आर्या, अमित गोस्वामी, राकेश वर्मा, बच्ची लाल, दिव्या बिष्ट, दीपक सिंह बोरा, गोपाल पंत, अर्जुन सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, वन पंचायत प्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

रामगढ़ रेंज द्वारा आयोजित यह स्वास्थ्य शिविर एवं वनाग्नि जागरूकता गोष्ठी न केवल वन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई, बल्कि इससे स्थानीय लोगों में जंगलों के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत हुई। वनाग्नि काल 2026 से पहले इस तरह के कार्यक्रम जंगलों को सुरक्षित रखने में मील का पत्थर साबित होंगे।

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