भक्ति और आराधना का संगम
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा अल्मोड़ा की ऐतिहासिक फिजाओं में आज ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के जयघोष गूंजते रहे। अवसर था हनुमान जयंती का, जिसे नगर के प्राचीन हनुमान मंदिर, थाना बाजार में बेहद श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह की पहली किरण के साथ ही बजरंगबली के दर्शनों के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।

भोर काल से ही मंदिर परिसर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। हाथों में पूजा की थाली और हृदय में अटूट विश्वास लिए भक्त अपनी बारी की प्रतीक्षा करते नजर आए। मंदिर को भव्य रूप से फूलों और विद्युत मालाओं से सजाया गया था, जो उत्सव की शोभा को द्विगुणित कर रहा था।

सुमधुर सुंदरकांड और भजनों की बयार
जन्मोत्सव (हनुमान जयंती 2026) के पावन अवसर पर सामूहिक सुंदरकांड का पाठ किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। पाठ के उपरांत आयोजित भजन संध्या ने समां बांध दिया।
- सतीश चन्द्र जोशी, अनिल कनवाल और राजीव जोशी ने अपनी सुरीली आवाज में जब हनुमान जी के महिमा का गुणगान किया, तो उपस्थित श्रोता मंत्रमुग्ध होकर झूमने पर मजबूर हो गए। भक्ति गीतों की स्वर लहरियों ने हर किसी को भाव-विभोर कर दिया।
पूजा-अर्चना और भजन कीर्तन के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। मंदिर समिति के तत्वावधान में आयोजित इस प्रसाद वितरण में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। भक्तिपूर्ण माहौल में लोग दिन भर झूमते-गाते रहे, जिससे पूरा थाना बाजार क्षेत्र राममय नजर आया।
“हनुमान जी की भक्ति में ही असली आनंद है। आज का यह उत्सव न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि हमारे नगर की सांस्कृतिक एकता को भी दर्शाता है।” — एक श्रद्धालु



