HomeUttarakhandAlmoraअल्मोड़ा न्यूज: नादानी में बिन बताए दीदी का घर छोड़ अंजान राह...

अल्मोड़ा न्यूज: नादानी में बिन बताए दीदी का घर छोड़ अंजान राह चल पड़े दो बच्चे, चालक की मानवीय नजर मददगार बनी और पुलिस ने मित्र पुलिस का धर्म निभाकर ठिकाने तक पहुंचाया

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
बचपन की अक्ल ही ऐसी होती है कि जिसमें जो मन आई कर लिया, परिणाम की कोई चिंता नहीं। ऐसी ही बचपनी अक्ल के चलते भाई—बहिन दीदी के ससुराल गए और किसी बात से खफा होकर दोनों ही बिन बताए वहां से चुपचाप चल दिए। तनिक ये भी नहीं सोचा कि कहां जाना है, कैसे जाएंगे। ऐसे में एक चालक की मानवीय नजर इन नादान बच्चों के लिए मददगार बन गई और वह अपने गंतव्य तक पहुंच गए। इसमें पुलिस ने मित्र पुलिस का धर्म निभाते हुए अहम् भूमिका का निर्वहन किया है।
हुआ यूं कि वाहन संख्या यूके- 01 टीए-3224 के चालक दीपक आर्या पुत्र नर राम, निवासी कस्बा दन्या को धौलादेवी के पास एक 8 वर्षीय बालक व एक 14 वर्षीय बालिका घूमते दिखे, उसे लगा कि शायद ये बच्चे भटक गए हैं। चालक ने बच्चों को विश्वास में लिया और उन्हें दन्या थाने में लाया। दन्या थाने की पुलिस ने दोनों बच्चों को अपनापन दिखाते हुए विश्वास में लिया और पूछताछ की। बच्चों ने बताया कि वह अपने दीदी—जीजा के घर ग्राम सागढ़ गए थे और किसी बात से नाराज होकर बिना बताए पैदल—पैदल धौलादेवी पहुंच गए। लड़की ने अपना नाम भगवती गैड़ा व लड़के ने अपना नाम हिमांशु गैड़ा बताया। ग्राम का नाम तल्ला गैराड़ तथा माता का नाम पार्वती देवी पत्नी दलीप सिंह बताया। इन भाई—बहिनों ने बताया कि उनकी माता अपने मायके मकड़ाऊ में रहती है और उन्हें वहां को कोई फोन नंबर याद नहीं है। बच्चों ने मामा का नाम मोहन सिंह भैसोड़ा, निवासी मकड़ाऊ बताया।
इसके बाद दन्या थाना पुलिस मदद के मूड में आई और छानबीन में जुट गई। तत्काल स्थानीय लोगों से काफी पूछताछ की एवं कई लोगों से संपर्क किया। पुलिस ने बच्चों के मामा मोहन सिंह का फोन नंबर पता कर उनसे वार्ता की और बच्चों के बारे में बताते हुए उन्हें ले जाने का अनुरोध किया। इसके बाद मोहन सिंह भैसोड़ा ने अपने परिचित बसन्त बल्लभ पुत्र गिरीश चन्द्र निवासी ग्राम मकड़ाऊ, पोस्ट बसौली, थाना दन्या को भेजा। पुलिस द्वारा दोनों बच्चों को सकुशल बसंत बल्लभ के सुपुर्द कर दिया। चालक व पुलिस की यह मदद वास्तव में सराहनीय है अन्यथा हो सकता था कि नादान बच्चे भटक जाते या किसी अनहोनी से भी इंकार नहीं किया जा सकता। चालक व पुलिस के इस कार्य की स्थानीय लोगों ने काफी प्रशंसा की है।

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
RELATED ARTICLES

1 Comment

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments