साइकिल से जा रहे थे, पीछे पड़ गया भालू
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। जनपद बागेश्वर के उप तहसील शामा में मंगलवार को हुए एक दर्दनाक हादसे में नवनियुक्त डाक सेवक की मौत हो गई है। साइकिल से जा रहे डाक कर्मी पर एक भालू ने हमला कर उनकी जान ले ली। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शामा-तेजम-मुनस्यारी मोटर मार्ग डाक वितरण को साइकिल से जा रहे डाक कर्मी की भालू के हमले से मौत हो गई। मृतक की पहचान यश शर्मा (पुत्र महेंद्र शर्मा), मूल निवासी महेंद्रगढ़, पानीपत (हरियाणा) के रूप में हुई है।
भालू के हमले में मौत, देखिए वीडियो —
घने जंगल को पार करते वक्त हुआ हादसा
शामा चौकी से मिली जानकारी के मुताबिक शामा पोस्ट आफिस में कार्यरत डाकसेवक यश शर्मा रोज की तरह सुबह डाक लेकर अपनी साइकिल से रवाना हुआ था। इसी दौरान शामा-मुनस्यारी मार्ग में घने जंगल पार करते समय अचानक एक जंगली भालू उसके पीछे पड़ गया। भालू को अपने पीछे देख यश घबरा गया और हड़बड़ी में उसकी साइकिल अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे लगभग 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी।
लावारिस पड़ी मिली साइकिल
खाई में गिरते ही भालू ने उस पर हमला कर दिया, जिससे यश की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क पर लावारिस पड़ी साइकिल और चीखने की आवाजें सुनकर घटना की सूचना तुरंत जिला प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ को अलर्ट किया।

एसडीआरएफ को पहुंचने में लग गए कई घंटे
जिस पर कपकोट में तैनात एसडीआरएफ उप निरीक्षक राजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एक टीम घटनास्थल पर रवाना हुई। टीम को दुर्गम और खतरनाक भू-भाग से गुजरते हुए घटनास्थल तक पहुंचने में घंटों का समय लग गया।
एसडीआरएफ कर्मियों ने खाई में उतरकर शव को स्ट्रेचर की मदद से ऊपर सड़क तक पहुंचाया। शामा चौकी पुलिस ने मृतक डाक सेवक के घर घटना की सूचना दे दी है। उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पंचनामे की कार्यवाही के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया है। मृतक यश शर्मा की चार माह पूर्व ही क्षेत्र में तैनाती हुई थी।
भालू के हमले की इस घटना के बाद क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने और भालुओं की बढ़ती सक्रियता पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। वही डीएफओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया ने बताया कि हमले को लेकर उनकी टीम जांच कर रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

