सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। जिला अस्पताल में तैनात सीएमएस समेत बाल रोग विशेषज्ञ व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई के विरोध में जिले के डॉक्टरों में आक्रोश फैल गया है। नाराज़ डॉक्टरों ने मंगलवार को ओपीडी का बहिष्कार किया। आपात बैठक कर निर्णय लिया गया कि यदि पाँच दिन के भीतर सरकार अपना आदेश वापस नहीं लेती है तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी विभाग और सरकार की होगी।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ की जिला इकाई की आपात बैठक जिला अस्पताल में हुई। सभा में वक्ताओं ने कहा कि उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिली है कि बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। साथ ही सीएमएस डॉ. तपन शर्मा के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। अन्य स्टाफ पर भी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई का डॉक्टरों ने एक स्वर से विरोध किया।
बैठक में तय किया गया कि मंगलवार को ओपीडी का बहिष्कार किया जाएगा। शासन को इसकी जानकारी ज्ञापन के माध्यम से भी दी जाएगी। यदि पाँच दिन के भीतर अनुचित कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो संघ आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाएगा। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से चिकित्सकों का मनोबल गिरना तय है। डॉक्टर विषम परिस्थितियों और दुर्गम क्षेत्रों में सेवा दे रहे हैं। पूरे प्रकरण में किसी भी चिकित्सक की कोई जिम्मेदारी नहीं है। सरकार और विभाग ने तथ्यहीन कार्रवाई की है।
इस मौके पर सीएमएस डॉ. तपन शर्मा, संगठन के अध्यक्ष डॉ. गिरीजा शंकर जोशी, डॉ. राजीव उपाध्याय, डॉ. कल्पना, डॉ. अंकित कुमार, डॉ. चंद्रमोहन भैसोड़ा, डॉ. प्रीति यादव, डॉ. मोनिका पूरी, डॉ. भूपेंद्र घटियाल बिट्टू, डॉ. रीमा उपाध्याय, डॉ. कुमार अमित, डॉ. गायत्री पांगती आदि मौजूद रहे।

