बागेश्वर। जिला अस्पताल में सोमवार से चिकित्सकों ने ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार कर दिया, जिससे दूर-दराज़ से आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सक शासन द्वारा हाल ही में अस्पताल के सीएमएस डॉ. तपन शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ और एक अन्य चिकित्सक पर की गई कार्रवाई से नाराज़ हैं और उसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
ज्ञातव्य हो कि चमोली जिले के एक फौजी के पुत्र को कुछ दिन पूर्व जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने जांच कर सीएमएस डॉ. तपन शर्मा को नैनीताल संबद्ध कर दिया, साथ ही उस दिन ड्यूटी पर मौजूद बाल रोग विशेषज्ञ और इमरजेंसी चिकित्सक के खिलाफ भी कार्रवाई की थी।
चिकित्सक इस कार्रवाई से लगातार नाराज़ हैं। पिछले पांच दिनों से उन्होंने काला फीता बांधकर कार्य किया और सोमवार को चेतावनी पूरी होने के बाद ओपीडी का सामूहिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया। अस्पताल परिसर में उन्होंने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन भी किया। इस दौरान डॉ. गिरिजा शंकर जोशी, डॉ. राजीव उपाध्याय, डॉ. रीमा उपाध्याय, डॉ. चंद्र मोहन भैसोड़ा समेत कई चिकित्सक मौजूद रहे।
मरीजों की मुश्किलें
ओपीडी सेवाएं ठप होने से अस्पताल आने वाले मरीजों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ीं। कई मरीज बिना इलाज के ही लौटने को मजबूर हो गए। लोगों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि चिकित्सक समाधान निकालने तक सेवाएं जारी रखेंगे, लेकिन आंदोलन के इस रूप से उन्हें असुविधा हो रही है।
इधर, जिलाधिकारी ने आंदोलनरत चिकित्सकों को वार्ता के लिए बुलाया है। प्रशासन की कोशिश है कि बातचीत से विवाद का समाधान निकाला जा सके और मरीजों की सेवाएं बहाल हो सकें।

