







सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
जिम्मेदार अफसरों की कार्य कुशलता से ही भारत को आत्मनिर्भर बनाने में सफलता मिल सकती है और इसके लिए सभी विभागों को सामजंस्य स्थापित कर केन्द्र की विकास योजनाओं की गति प्रदान करनी होगी। यह बात सांसद अजय टम्टा ने कही। श्री टम्टा आज यहां विकास भवन सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। बैठक में सांसद ने केन्द्र पोषित योजनाओं व अन्य मुख्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की।
सांसद ने जनपद में सड़कों के निर्माण के धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए सम्बन्धित अफसरों से कहा कि निर्धारित समयसीमा के अंदर लक्ष्य प्राप्त करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनपद की कई सड़कें वन भूमि हस्तान्तरण के कारण लम्बित हैं। इसके लिए वन विभाग और लोनिवि के अधिकारी आपसी समन्वय से लम्बित मामलों का समाधान करें। उन्होंने प्राथमिकता वाली सड़कों के वन भूमि के मामलों को यथाशीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। साथ ही एनएच के अधिकारियों को निर्देश दिये कि जगह—जगह सड़कों में गड्ढे हैं, उन्हें डामरीकण से ठीक किया जाए।
मनरेगा के कार्यों की समीक्षा करते हुए सांसद ने प्रवासियों को रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये। अफसरों ने सांसद को अवगत कराया कि प्रवासियों को रोजगार से जोड़ने का कार्य वर्तमान में चल रहा है और हर विकासखण्ड में प्रवासी मित्र बनाये गये हैं। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के निर्देश दिये। जल जीवन मिशन के तहत प्रगति पर उन्होंने कहा कि भारत सरकार के लक्ष्य के अनुसार ऐसा कार्य हो कि हर घर में नल व जल हो और गर्मी में पेयजल समस्या उत्पन्न नहीं होने पाये।बैठक में उन्होंने कृषि, उद्यान, उरेडा, विद्युत, शिक्षा, स्वजल, बीएसएनएल आदि विभागों के कार्यों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस मौके पर उन्होंने जनपद स्तरीय अधिकारियों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नवनीत पाण्डे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भटट, वनाधिकारी माहतिम यादव, उपजिलाधिकारी सदर सीमा विश्वकर्मा, एसडीएम भनोली मोनिका, मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह, जिला विकास अधिकारी केके पंत, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सविता हयांकी, महाप्रबन्धक उद्योग डा. दीपक मुरारी समेत जनपद स्तरीय अधिकारी व खण्ड विकास अधिकारी उपस्थित थे।












