काम आई SSP प्रहलाद मीणा की सटीक रणनीति
पुलिस टीम को इनाम, चौतरफा सराहना
तांत्रिक क्रिया नहीं, यह था हत्याकांड का मकसद
नैनीताल/हल्द्वानी। गौलापार के पश्चिमी खेड़ा गांव में 11 साल के मासूम अमित मौर्य की गला रेतकर हत्या के सनसनीखेज मामले का नैनीताल पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पड़ोसी युवक निखिल जोशी ने वारदात को अंजाम देने के बाद शव का सिर और दाहिना हाथ अलग कर अपने घर में छिपा दिया था। पुलिस ने न सिर्फ आरोपी को गिरफ्तार किया बल्कि तगड़े सर्च ऑपरेशन के बाद सिर और हाथ भी बरामद कर लिए। इस पूरे ऑपरेशन में एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा की सटीक रणनीति और पुलिस टीम की अथक मेहनत ने अहम भूमिका निभाई।

कैसे हुआ मामला शुरू?
बरेली (उत्तर प्रदेश) के आमोर गांव निवासी खूबकरण मौर्य पिछले 15 साल से गौलापार के पश्चिमी खेड़ा गांव में खेती का काम कर रहे हैं। उनका बेटा अमित मौर्य (11) सोमवार दोपहर 12 बजे से लापता हो गया। परिजनों ने तुरंत काठगोदाम थाने में सूचना दी।
सीसीटीवी फुटेज में बच्चा गांव के ही एक संपन्न परिवार के घर की ओर जाता दिखा, लेकिन लौटते हुए नजर नहीं आया। संदेह के आधार पर पुलिस ने पड़ोसी परिवार के चार सदस्यों को हिरासत में लिया।
मंगलवार को मिली दर्दनाक खबर
काफी तलाश के बाद मंगलवार सुबह 11 बजे घर से करीब 20 मीटर दूर एक खेत के गड्ढे में प्लास्टिक के कट्टे से बच्चे का शव बरामद हुआ। शव का सिर और दाहिना हाथ गायब था। वारदात की क्रूरता देखकर पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश फैल गया।
एसएसपी की रणनीति और पुलिस का बड़ा ऑपरेशन
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रहलाद नारायण मीणा ने मामले को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए तीन सर्च टीम, सर्विलांस टीम, डॉग स्क्वॉड, ड्रोन कैमरा और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को जांच में लगाया।
आरोपी शुरू में तांत्रिक क्रियाओं का हवाला देकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा। आरोपी की मानसिक जटिलता और चालाकी को देखते हुए मनोचिकित्सक डॉ. युवराज पंत की भी मदद ली गई।
9 अगस्त को गहन पूछताछ में निखिल जोशी ने कबूल किया कि वह बच्चे को घिनौनी मंशा से अपने साथ ले गया था। विरोध करने पर उसने गला दबाकर हत्या कर दी और वारदात छिपाने के लिए सिर व दाहिना हाथ काट दिया।
सिर, हाथ और चप्पल बरामद
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके गोठ में कबाड़ के नीचे छिपाए गए सिर, दाहिने हाथ और मृतक की चप्पल बरामद की। आरोपी निखिल जोशी (38) पुत्र मोहन चंद्र जोशी, निवासी पश्चिमी खेड़ा, गौलापार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जा रहा है।
पुलिस टीम पुरस्कृत
इस सनसनीखेज मामले के त्वरित और सफल खुलासे पर आईजी कुमाऊं ने पुलिस टीम को ₹5000 और एसएसपी नैनीताल ने ₹2500 का नकद इनाम देने की घोषणा की।
एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा की संवेदनशीलता, रणनीतिक सोच और तेज कार्रवाई ने साबित कर दिया कि नैनीताल पुलिस हर चुनौतीपूर्ण केस को सुलझाने में सक्षम है। सर्च टीम, सर्विलांस टीम, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड सभी ने चौबीसों घंटे मेहनत कर एक निर्दयी अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
बिंदुवार घटना की रूपरेखा
- 04 अगस्त 2025: बरेली के आमोर गांव निवासी खूबकरण मौर्य ने अपने 11 वर्षीय पुत्र अमित मौर्य की गुमशुदगी काठगोदाम थाने में दर्ज कराई।
- सीसीटीवी फुटेज में बच्चा गांव के ही एक संपन्न परिवार के घर की ओर जाता हुआ दिखा, पर वापस नहीं आया।
- 05 अगस्त 2025: घर से लगभग 20 मीटर दूर एक खेत के गड्ढे में प्लास्टिक के कट्टे में बच्चे का शव बरामद हुआ; शव का सिर और दाहिना हाथ गायब पाया गया।
- पुलिस ने आसपास के संदिग्धों से पूछताछ की और चार व्यक्तियों को हिरासत में लिया।
- सघन जांच, एफएसएल, डॉग स्क्वॉड और ड्रोन निगरानी के बाद अभियुक्त से गहन पूछताछ की गई।
- 09 अगस्त 2025: संदिग्ध निखिल जोशी ने पूछताछ में हत्या और लाश छिपाने की बात स्वीकार की; उसकी निशानदेही पर शव के कटे हुए सिर, दाहिना हाथ और मृतक की चप्पल बरामद की गई।
सर्च ऑपरेशन में शामिल पुलिस टीम
प्रभारी सर्च टीम — प्रथम : नितिन लोहनी (क्षेत्राधिकारी, हल्द्वानी)
राजेश कुमार यादव — प्रभारी निरीक्षक, हल्द्वानी
पंकज जोशी — थानाध्यक्ष, काठगोदाम
एसआई अरुण सिंह राणा — थाना काठगोदाम
हेड कांस्टेबल प्रताप गड़िया — थाना काठगोदाम
कांस्टेबल कमल बिष्ट — थाना लालकुँआ
कांस्टेबल अनिल कुमार — थाना काठगोदाम
कांस्टेबल अनिल गिरी — थाना हल्द्वानी
कांस्टेबल चन्द्रशेखर मल्होत्रा — थाना लालकुँआ
प्रभारी सर्च टीम — द्वितीय : सुमित पाण्डे (क्षेत्राधिकारी, रामनगर)
दिनेश सिंह फर्त्याल — प्रभारी निरीक्षक, लालकुँआ
सुशील कुमार — थानाध्यक्ष, बनभूलपुरा
एसआई मनोज यादव — थाना बनभूलपुरा
एसआई मनोज कुमार — थाना हल्द्वानी
कांस्टेबल अशोक रावत — थाना काठगोदाम
कांस्टेबल नवीन राणा — थाना हल्द्वानी
कांस्टेबल प्रदीप सिंह — थाना हल्द्वानी
कांस्टेबल शिवम कुमार — थाना बनभूलपुरा
प्रभारी सर्च टीम — तृतीय : प्रमोद शाह (क्षेत्राधिकारी, भवाली)
विमल मिश्रा — थानाध्यक्ष, भीमताल
दिनेश जोशी — थानाध्यक्ष, मुखानी
एसआई भुवन सिंह राणा — थाना हल्द्वानी
हेड कांस्टेबल रामानन्द सागर — थाना बनभूलपुरा
कांस्टेबल कारज सिंह — थाना काठगोदाम
कांस्टेबल महबूब अली — थाना बनभूलपुरा
कांस्टेबल ललित आगरी — थाना भीमताल
कांस्टेबल भानू प्रताप — थाना काठगोदाम
सर्विलांस टीम (प्रभारी एसओजी : संजीत राठौड़)
प्रभारी एसओजी संजीत राठौड़
एसआई भूपेंद्र मेहता
एसआई फिरोज आलम
हेड कांस्टेबल इसरार
कांस्टेबल संतोष बिष्ट
कांस्टेबल अरुण राठौर
कांस्टेबल भूपेन्द्र जेष्ठा
कांस्टेबल अरविंद बिष्ट
कांस्टेबल दिनेश नगरकोटी
कांस्टेबल धीरेंद्र अधिकारी
कांस्टेबल भानू प्रताप
फॉरेंसिक टीम — हल्द्वानी
एसआई त्रिवेणी प्रसाद जोशी
कांस्टेबल निर्मल बिष्ट
कांस्टेबल राजेंद्र दोसाद (चालक)
एफएसएल टीम — रुद्रपुर
वैज्ञानिक अधिकारी कुमारी सोनी
फोटोग्राफर दीपक चौहान
लैब असिस्टेंट सीमा
कांस्टेबल बंशीधर जोशी
कांस्टेबल मनीष मेहरा
डॉग स्क्वाड
डॉग हैंडलर — हेड कांस्टेबल दान सिंह
डॉग हैंडलर — हेड कांस्टेबल गोपाल सिंह
सर्च डॉग — टाइगर

