कोहरे में सिमटी ज़िन्दगी: विकास की अंधी दौड़ और दम घुटता पर्यावरण

उत्तर भारत में सर्दियों की दस्तक के साथ ही कोहरे की घनी चादर ने जनजीवन को अपनी आगोश में लेना शुरू कर दिया है। यह केवल मौसम का बदलाव नहीं है, बल्कि एक चेतावनी है। आज कोहरा सिर्फ दृश्यता (visibility) कम नहीं कर रहा, बल्कि इंसानों से लेकर जीव-जंतुओं तक, हर जीवित इकाई के स्वास्थ्य … Continue reading कोहरे में सिमटी ज़िन्दगी: विकास की अंधी दौड़ और दम घुटता पर्यावरण