विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं: डीएम आकांक्षा कोंडे
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले के सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस का शत-प्रतिशत उपयोग अनिवार्य है और जिन विभागों में ई-ऑफिस सक्रिय नहीं पाया गया, वहां संबंधित अधिकारियों का तत्काल वेतन रोका जाएगा।
यह निर्देश उन्होंने विकास भवन सभागार में आयोजित जिला योजना, राज्य व केंद्र पोषित योजनाओं, 20 सूत्रीय कार्यक्रम, टास्क फोर्स रिपोर्ट और सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक में दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला योजना के अंतर्गत विभागवार प्रगति एवं बजट व्यय की गहन समीक्षा की। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि अनावश्यक देरी पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी। डीएम ने दो टूक कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके लिए सभी कार्यदायी संस्थाओं को सशक्त मॉनिटरिंग एवं नियमित रिपोर्टिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उद्यान विभाग को नर्सरियों के सुदृढ़ीकरण और नवाचार के माध्यम से जन सहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बच्चों को ग्राफ्टिंग तकनीक का प्रशिक्षण देकर नर्सरियों में आवागमन बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। वहीं कृषि विभाग को फसलों की सुरक्षा हेतु बायो-फेंसिंग पर ठोस योजना बनाने के निर्देश दिए गए। रेशम विभाग को जिले में रेशम उत्पादन बढ़ाने के लिए व्यवहारिक और प्रभावी कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया।
जिला पंचायत को पर्यावरण मित्रों के माध्यम से विद्यालयों में शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा में जिलाधिकारी ने विभागों को परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली अपनाने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने को कहा। जल संस्थानों को रूरल पाइप वाटर सप्लाई स्कीम में शत-प्रतिशत आईडी जनरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए डीएम ने सीएमओ को अल्ट्रासाउंड एवं एक्स-रे मशीनों की दैनिक कार्यशीलता रिपोर्ट अनिवार्य रूप से जिलाधिकारी कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए। सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर पेंडेंसी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कॉलेज भूमि हस्तांतरण प्रकरण में अनावश्यक देरी पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और बीडी पांडे परिसर के निदेशक को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही कुंती नाले के लिए कॉम्प्रिहेंसिव डीपीआर दो दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को दिए गए।
बैठक में सुराग पुल निर्माण कार्य को हर हाल में जनवरी माह के अंत तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। वेबकोस के अधिशासी अभियंता को सख्त चेतावनी देते हुए डीएम ने कहा कि जनवरी के अंत में स्वयं स्थल निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न, मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी सहित सभी जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

