सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद अंतर्गत धरमघर रेंज के जंगलों में पिछले दो दिनों से लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। बनलेख से नारिहर के बीच का जंगल धधक रहा है, जिससे न केवल वन संपदा को भारी नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि राहगीरों की जान पर भी बन आई है।
जंगल में जमी सूखी घास आग में घी का काम कर रही है। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल रही है और बेशकीमती चीड़ के पेड़ इसकी चपेट में आ गए हैं। कई पेड़ जलकर सड़क पर गिरने की कगार पर हैं।
पहाड़ी से गिर रहे पत्थर, बाल-बाल बचे यात्री
आग के कारण पहाड़ की मिट्टी ढीली हो गई है, जिससे छोटे-बड़े पत्थर लगातार नीचे गिर रहे हैं। मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टला।
- क्या हुआ: बागेश्वर से आ रहे वाहन चालक भरत सिंह ने बताया कि दोपहर करीब 3 बजे नारिहर के पास अचानक पत्थरों की बौछार होने लगी।
- यात्री: वाहन में कैलाश चंद्र, हिमानी पांडेय, नवीन पांडे समेत 9 यात्री सवार थे। चालक की सूझबूझ से सभी सुरक्षित निकल गए।
“जंगल की आग के कारण पत्थर गिर रहे थे, जिससे वाहन निकालना चुनौतीपूर्ण हो गया था। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए हमने किसी तरह वहां से गाड़ी निकाली।” — भरत सिंह, वाहन चालक
ग्रामीणों में आक्रोश, वन विभाग अलर्ट पर
स्थानीय निवासी कैलाश चंद्र, हिमानी पांडेय, नवीन पांडे, हेम पांडे और शैलेंद्र पांडेय आदि ने वन विभाग से तत्काल आग पर काबू पाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते आग नहीं बुझाई गई, तो यह आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुँच सकती है।
विभाग का पक्ष: मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए रेंजर दीप जोशी ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही वन कर्मियों की टीम को मौके पर रवाना कर दिया गया है। जल्द ही आग पर पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा और मार्ग को सुरक्षित बनाया जाएगा।

