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किच्छा में प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में किसानों की समस्याओं को सुना

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किच्छा। उत्तराखंड राज्य किसान आयोग के उपाध्यक्ष राजपाल सिंह ने किच्छा में प्रशासनिक अधिकारियों व किसानों के साथ बैठक करते हुए किसानों की समस्याओं को सुना और जल्द निस्तारण का भरोसा दिलाया। कृषि उत्पादन मंडी समिति के अतिथि गृह में आयोजित बैठक में किसान आयोग के उपाध्यक्ष राजपाल सिंह ने कहा कि उधम सिंह नगर जिले की प्रत्येक तहसील में किसान हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा, जिसके लिए जिलाधिकारी उधम सिंह नगर को जल्द कार्यवाही के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि हेल्पलाइन के माध्यम से किसान अपनी समस्या से प्रशासनिक अधिकारियों को समय से अवगत करा सके तथा उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निदान किया जाए।

उन्होंने कहा कि किसान की फसल तुलने के बाद 1 सप्ताह के भीतर किसानों को फसल का भुगतान करने की व्यवस्था होनी चाहिए और इसी के तहत प्रदेश सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष राइस मिलर्स द्वारा करीब साढे 5 लाख कुंटल जायदा धान खरीद दर्शाई, जिसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ा था, परंतु इस वर्ष व्यवस्थाओं में सुधार तथा किसानों की फसल की समय से तोल व समय से भुगतान करने की व्यवस्था की जा रही है। इस दौरान बैठक में अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष रंजीत सिंह तथा मंडल उपाध्यक्ष जगरूप सिंह गिल ने किसानों की समस्याएं उठाते हुए कहा कि राइस मिलर्स द्वारा किसानों का खुलेआम शोषण किया जाता है।

उन्होंने कहा कि ट्रॉली में भरे धान का मनमाना दाम लगाकर सौदा करने के बाद राइस मिलर्स द्वारा प्रति बोरी पर एक किलो करदा, प्रति ट्रॉली पर 30 किलो धान की कटौती तथा नगद भुगतान लेने पर एक से डेढ़ प्रतिशत की कटौती की जाती है, जिससे किसान को करीब 50 से 65 रुपए तक प्रति कुंटल का नुकसान होता है। किसानों ने नियमानुसार 17 से 25 अंकों तक धान में नमी होने पर किसानों का शोषण ना किए जाने तथा फसल का जायज मूल्य देने की मांग करते हुए बैठक में राइस मिलर्स को ना बुलाए जाने पर नाराजगी जताई।

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उन्होंने कहा कि बैठक में राइस मिलर्स को बुलाकर कड़े निर्देश दिए जाने चाहिए थे, ताकि राइस मिलर्स द्वारा किसानों का उत्पीड़न व शोषण बंद किया जाए। इस दौरान किसानों ने चीनी मिल के गन्ना पर्ची विभाग के अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 6 महीने तक क्षेत्र का किसान गन्ना पर्ची के लिए परेशान रहा, परंतु विभागीय अधिकारियों द्वारा गन्ना पर्ची जारी नहीं की गई, जिसके चलते किसानों को मजबूर होकर यूपी की चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करने को मजबूर होना पड़ा। किसानों ने चीनी मिल में समय-समय पर आ रही तकनीकी खराबी को भी दुरुस्त कर मशीनों की मरम्मत समय पर कराने की मांग उठाई।

आयोग उपाध्यक्ष राजपाल सिंह ने किसानों की समस्याओं का जल्द निस्तारण करने तथा तोल केंद्र पर व्यवस्थाओं में सुधार करने का भरोसा दिलाते हुए तमाम बिंदुओं पर मुख्यमंत्री से वार्ता करने के बाद अधिकारियों को निर्देशित कराने का आश्वासन दिया।

इस मौके पर एसडीएम विवेक प्रकाश, मंडी समिति अध्यक्ष कमलेंद्र सेंनवाल, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष लवी सहगल, वरिष्ठ भाजपा नेता कुंदन लाल खुराना, भाजपा मंडल महामंत्री नितेश बाला, तराई विकास संघ के चेयरमैन गोपाल सिंह बोरा, भाजपा नेता सुरेंद्र चौधरी, श्रवण सिंह, संतोष ठाकुर, कृषि विभाग के विकास खंड प्रभारी ए के सिंह, सहायक कृषि अधिकारी नीतीश कुमार शर्मा, दिलबाग सिंह, कुलवंत सिंह, सुखविंदर सिंह, निर्मल सिंह, संतोष सिंह, लखविंदर सिंह आदि मौजूद थे।

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