पुलेला गोपीचंद ने पहनाया जीत का मेडल!
फाइनल में मचाया धमाल
CNE REPORTER हल्द्वानी/हैदराबाद: देवभूमि उत्तराखण्ड की बेटी और हल्द्वानी की उभरती हुई सनसनी शिवांगी पाण्डेय ने एक बार फिर खेल जगत में अपनी धाक जमा दी है। हैदराबाद की प्रतिष्ठित हार्टफुलनेस गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी में आयोजित 7वीं राष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में शिवांगी ने महिला एकल वर्ग में स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर प्रदेश का नाम पूरे देश में ऊंचा कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि बीते 9 मार्च 2026 को हुए फाइनल मुकाबले में शिवांगी की फुर्ती और तकनीक के आगे विपक्षी खिलाड़ी टिक नहीं सकीं। शिवांगी ने गजब का खेल दिखाते हुए अपनी प्रतिद्वंद्वी को लगातार दो सीधे सेटों में शिकस्त दी और राष्ट्रीय खिताब पर कब्जा जमाया।
दिग्गज कोच पुलेला गोपीचंद के हाथों मिला सम्मान
शिवांगी की इस जीत का गौरव तब और बढ़ गया जब पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान पद्मश्री और द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित, भारतीय बैडमिंटन टीम के मुख्य राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद ने उन्हें स्वर्ण पदक और मेरिट प्रमाण-पत्र प्रदान किया। पूर्व ऑल इंग्लैंड चैम्पियन के हाथों सम्मानित होना किसी भी खिलाड़ी के लिए सपने के सच होने जैसा है।

पदकों की मशीन हैं शिवांगी: एक नजर उपलब्धियों पर
शिवांगी पाण्डेय की कैबिनेट अब पदकों से भर चुकी है। उनकी हालिया सफलताएं उनकी कड़ी मेहनत की कहानी बयां करती हैं:
| प्रतियोगिता | पदक | स्थान/वर्ष |
| 7वीं राष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप | स्वर्ण (Gold) | हैदराबाद, 2026 |
| युगांडा इंटरनेशनल पैरा बैडमिंटन | स्वर्ण (Gold) | 2025 |
| युवा राष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप | स्वर्ण (Gold) | 2025 |
| खेल महाकुंभ (लगातार तीन बार) | स्वर्ण (Gold) | 2022, 2023, 2024 |
| एशियन यूथ पैरा गेम्स | कांस्य (Bronze) | दुबई, 2025 |
| खेलो इंडिया पैरा गेम्स | कांस्य (Bronze) | 2025 |

स्कूल और खेल जगत में खुशी की लहर
शिवांगी वर्तमान में इंस्पिरेशन स्कूल, काठगोदाम (हल्द्वानी) की छात्रा हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अनुराग माथुर, चेयरपर्सन श्रीमती गीतिका बलूटिया और सभी शिक्षकों ने उन्हें बधाई दी है।
साथ ही, उत्तराखण्ड पैरा गेम्स के सचिव प्रेम कुमार और बैडमिंटन एसोसिएशन उत्तराखण्ड के सचिव बी.एस. मनकोटी सहित समस्त खेल प्रेमियों ने शिवांगी को प्रदेश का गौरव बताया है।
“शिवांगी की यह सफलता न केवल उनके कठोर परिश्रम का परिणाम है, बल्कि यह उत्तराखण्ड के हजारों युवाओं के लिए एक प्रेरणा है कि शारीरिक चुनौतियों के बावजूद आसमान छूना मुमकिन है।”
निष्कर्ष: उत्तराखण्ड में पैरा खेलों का नया चेहरा
शिवांगी पाण्डेय ने साबित कर दिया है कि अगर इरादे फौलादी हों, तो बाधाएं रास्ता नहीं रोक सकतीं। उनकी यह जीत उत्तराखण्ड में पैरा खेलों के प्रति एक नई क्रांति लेकर आएगी।


