क्या 15 अप्रैल तक मिल पाएगी जाम से मुक्ति?
- क्वारब से अनूप सिंह जीना की रिपोर्ट
अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-109) पर क्वारब के डेंजर जोन का विकल्प बनने जा रहा चौंसली—क्वारब लिंक रोड एक बार फिर चर्चा में है। जहाँ लोक निर्माण विभाग 15 अप्रैल (अप्रैल द्वितीय सप्ताह) तक मार्ग खोलने का दावा कर रहा है, वहीं धरातलीय स्थिति कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। निर्माण की सुस्त रफ्तार को देखते हुए इस समयसीमा पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।

टूटा मार्च का वादा, अब अप्रैल का भरोसा
कुछ समय पूर्व केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने इलाके का दौरा कर जनता को आश्वस्त किया था कि मार्च माह में वैकल्पिक मार्ग (क्वारब लिंक रोड) खुल जाएगा। मार्च बीतने को है, लेकिन मंत्री का आश्वासन धरातल पर नहीं उतर सका। अब विभाग ने नई डेडलाइन 15 अप्रैल तय की है, लेकिन जिस गति से कार्य चल रहा है, उसे देख कर ऐसा प्रतीत होता है कि यात्रियों को अभी और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

ग्राउंड रिपोर्ट: देरी की आशंका और जनता की मुसीबत
संवाददाता द्वारा मौके का जायजा लेने पर स्पष्ट होता है कि मार्ग पर अभी भी काफी काम शेष है। विभागीय दावों और निर्माण की वर्तमान प्रगति में बड़ा अंतर नजर आ रहा है, जिससे कार्य में पुनः विलंब होने की प्रबल संभावना है।
इस देरी का सीधा खामियाजा आम जनता भुगत रही है:
- डेंजर जोन का खतरा: वैकल्पिक मार्ग के अभाव में वाहन अब भी लैंडस्लाइड प्रभावित खतरनाक क्षेत्र से गुजरने को मजबूर हैं।
- घंटों का जाम: प्रतिदिन इस संकरे जोन में भीषण जाम लग रहा है, जिससे आवश्यक सेवाओं और पर्यटकों को भारी परेशानी हो रही है।
विभाग का पक्ष
हालांकि, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हर्षित गुप्ता का कहना है कि काम अब अंतिम चरण में है। उन्होंने दावा किया कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक यातायात सुचारू कर दिया जाएगा।

निष्कर्ष: विभाग भले ही इसे ‘अंतिम चरण’ का काम बता रहा हो, लेकिन हकीकत यह है कि क्वारब के डेंजर जोन से मुक्ति पाने का इंतजार खत्म होता नहीं दिख रहा। क्या विभाग 15 अप्रैल की अपनी ही समयसीमा पर खरा उतर पाएगा या यह एक और चुनावी वादा साबित होगा?



