जय संतोषी माँ से करवाचौथ तक — जनसंचार माध्यमों का बदलता स्वरूप और जनआस्था का विस्तार
1975 का वर्ष भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक अनूठा अध्याय लेकर आया। विजय शर्मा के निर्देशन में बनी फ़िल्म “जय संतोषी माँ” ने न केवल धार्मिक फ़िल्मों की परंपरा को नया आयाम दिया, बल्कि जनसंचार माध्यमों की शक्ति को भी सजीव रूप में सामने रखा। यह फ़िल्म उस दौर में बनी थी जब टेलीविज़न … Continue reading जय संतोषी माँ से करवाचौथ तक — जनसंचार माध्यमों का बदलता स्वरूप और जनआस्था का विस्तार
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