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कैंची धाम में आस्था का सैलाब या ‘जाम का झाम’? यात्री परेशान

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हाईवे पर सफर हुआ सजा, घंटों रेंगते रहे वाहन

दिल्ली-यूपी के पर्यटकों के दबाव से थमी रफ्तार

— अनूप सिंह जीना की रिपोर्ट

सीएनई रिपोर्टर, कैंचीधाम | बाबा नीब करौरी महाराज की पावन स्थली कैंची धाम में आस्था का सैलाब इस कदर उमड़ा कि आज रविवार को पूरी घाटी ‘पहियों के जाम’ से ठप नजर आई। दिल्ली, हरियाणा और यूपी से आए हजारों पर्यटकों और स्थानीय श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे आम जनता को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा।

हालांकि, पुलिस प्रशासन ने भीड़ के पूर्वानुमान को देखते हुए पहले ही रूट डायवर्जन लागू किया था, लेकिन पर्यटकों की संख्या उम्मीद से कहीं अधिक होने के कारण सारी व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गईं। हल्द्वानी से अल्मोड़ा की ओर जाने वाले यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुँचने में 2.5 से 3 घंटे का अतिरिक्त समय लग रहा है।

नियमों की उड़ी धज्जियां, प्रशासन पर फूटा गुस्सा

जाम की स्थिति इतनी विकट थी कि कैंचीधाम के 1 से 2 किलोमीटर के दायरे में कई वाहन सड़क किनारे बेतरतीब खड़े देखे गए, जिससे मार्ग और संकरा हो गया। भवाली से आगे तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। भीषण गर्मी और घंटों के इंतजार के बीच यात्री पुलिस और प्रशासन की लचर व्यवस्था को कोसते नजर आए। मौके पर तैनात पुलिस के जवान जाम खुलवाने की जद्दोजहद करते दिखे, लेकिन वाहनों का दबाव इतना अधिक था कि स्थिति नियंत्रण से बाहर रही।

क्यों बनी ऐसी स्थिति?

स्थानीय संवाददाताओं के अनुसार, हर शनिवार, रविवार और मंगलवार को कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो रही है। हल्द्वानी जैसे निकटवर्ती शहरों के साथ-साथ बाहरी राज्यों से आने वाले निजी वाहनों की अधिकता ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है।

“समाचार लिखे जाने तक मार्ग पर जाम की स्थिति जस की तस बनी हुई है। यदि आप इस मार्ग से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो अतिरिक्त समय लेकर चलें या वैकल्पिक मार्गों का विचार करें।”


इधर पुलिस—प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि

कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सड़क किनारे वाहन पार्क न करें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही हजारों यात्रियों के लिए घंटों की परेशानी का कारण बन सकती है।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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