जाम से बेहाल हुए राहगीर
— अनूप सिंह जीना की रिपोर्ट
कैंचीधाम नैनीताल। विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करौली महाराज के आश्रम ‘कैंचीधाम’ में शनिवार को वीकेंड के चलते श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आस्था के इस सैलाब के आगे प्रशासन के तमाम इंतज़ाम बौने साबित हुए। आलम यह रहा कि अल्मोड़ा-हल्द्वानी नेशनल हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे यात्रियों और स्थानीय निवासियों को भीषण दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

शनिवार की छुट्टी और पहाड़ों में सुहावने मौसम के कारण सुबह से ही बाहरी राज्यों (दिल्ली, यूपी, हरियाणा) के वाहनों का तांता लग गया। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, वाहनों की कतारें लंबी होती गईं। कैंचीधाम मंदिर परिसर के आसपास पार्किंग फुल होने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं, जिससे देखते ही देखते यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।

प्रशासन की मशक्कत, फिर भी घंटों फँसे रहे लोग
जाम की सूचना मिलते ही भवाली और आसपास के थानों की पुलिस टीम मौके पर पहुँची। पुलिसकर्मियों ने जाम खुलवाने के लिए ‘भरसक प्रयास’ किए और मैन्युअल ट्रैफिक कंट्रोल का सहारा लिया, लेकिन वाहनों की संख्या क्षमता से कई गुना अधिक होने के कारण सफलता सीमित रही।
- दूरी का हाल: भवाली से कैंचीधाम तक का चंद मिनटों का सफर तय करने में यात्रियों को 2 से 3 घंटे का समय लगा।
- स्कूली बच्चे और मरीज़ परेशान: इस जाम में केवल पर्यटक ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोग, आवश्यक सेवाओं के वाहन और इमरजेंसी ड्यूटी पर जा रहे कर्मचारी भी फँसे रहे।
स्थानीय लोगों में रोष
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कैंचीधाम में अब हर वीकेंड यही स्थिति बन रही है। पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले ही जाम का यह विकराल रूप भविष्य की डरावनी तस्वीर पेश कर रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को ‘शटल सेवा’ और पार्किंग प्रबंधन के लिए कोई ठोस और स्थायी नीति बनानी चाहिए।



