अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा स्थित बेस चिकित्सालय में अराजकता चरम पर है। 30 जुलाई की रात, ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को न केवल जान से मारने की धमकी दी गई, बल्कि उनके साथ मारपीट भी की गई। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन को सकते में डाल दिया है, जिसके बाद एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई।
क्या हुआ उस रात?
सुरक्षा सुपरवाइजर पूरन सिंह सिराडी के मुताबिक, अस्पताल परिसर में देर रात कुछ असामाजिक तत्व घुस आए। ये लोग अवैध रूप से निजी और टैक्सी वाहनों को पार्क करते हैं, जिससे मरीजों और एंबुलेंस को भारी परेशानी होती है। मना करने पर ये लोग अक्सर अस्पताल स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार करते हैं।
30 जुलाई की रात, कुछ स्थानीय कर्मचारियों और दुकानदारों ने सुरक्षा गार्ड रूम में आकर नर्सिंग अधिकारियों की तस्वीरें दिखाकर उनके बारे में जानकारी मांगी। जब पूर्व सैनिक सुरक्षाकर्मी चंद्र मोहन कांडपाल ने जानकारी देने से इनकार किया, तो उनके साथ अभद्रता और मारपीट की गई। बीच-बचाव के लिए आए अन्य सुरक्षाकर्मियों, जिनमें दीपक सिंह मेहता, हयात सिंह, खीम राज सिंह, और वाहन चालक दीवान सिंह व राजेंद्र सिंह शामिल थे, को भी जान से मारने की धमकी दी गई।
अस्पताल प्रशासन ने बुलाई आपात बैठक
इस गंभीर घटना के बाद, सुरक्षाकर्मियों ने बेस चौकी और चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय को तत्काल सूचित किया। अस्पताल में रात की ड्यूटी पर तैनात स्टाफ में भय और असुरक्षा का माहौल है। इस स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल प्रशासन ने एक आपात बैठक बुलाई। बैठक में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित कुमार सिंह, सहायक नर्सिंग अधीक्षिका अनुगृह जोजफ, और प्रशासनिक नोडल अधिकारी डॉ. अनिल पांडेय उपस्थित रहे।
सीसीटीवी में कैद हुई घटना, पुलिस कार्रवाई की मांग
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित कुमार सिंह ने बताया, “घटना की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हो चुकी है।” उन्होंने आगे कहा कि “आगे की कार्रवाई पुलिस के स्तर पर है। इसके लिए एक कमेटी की सिफारिश पर पुलिस विभाग से पत्राचार किया जा रहा है।”
इस घटना के बाद, महिला कर्मचारियों ने परिसर में महिला पुलिस की तैनाती की मांग की है ताकि रात की ड्यूटी में वे सुरक्षित महसूस कर सकें। यह घटना न केवल अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सार्वजनिक स्थानों पर अराजकता किस हद तक बढ़ चुकी है। अस्पताल प्रशासन अब पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

