नाबालिग को भारी पड़ी ये रईसी!
सीएनई रिपोर्टर, देहरादून : देहरादून की सड़कों पर ‘सिस्टम’ हिलाने की कोशिश करने वाले एक नाबालिग रईसजादे को वसंत विहार पुलिस ने ऐसा सबक सिखाया है कि वह अपनी फेयरवेल पार्टी का यह ‘तोहफा’ ताउम्र नहीं भूलेगा। नंबर प्लेट पर अपनी पहचान के बजाय अपशब्द (गाली) लिखवाकर सड़कों पर हुड़दंग मचाने वाली सफेद रंग की ग्रैंड विटारा अब थाने के सीज यार्ड की शोभा बढ़ा रही है।

सोशल मीडिया पर ‘टशन’ पड़ा महंगा
मामला 8 फरवरी का है, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो आग की तरह फैला। वीडियो में एक सफेद कार मोहल्ले की गलियों में शोर मचाते हुए फर्राटा भर रही थी। चौंकाने वाली बात यह थी कि कार की नंबर प्लेट पर नंबर नहीं, बल्कि सरेआम अशब्द लिखे हुए थे।
CCTV से स्कूल तक पहुंची पुलिस
एसओ वसंत विहार की टीम ने जब इंदिरा नगर क्षेत्र के CCTV फुटेज खंगाले, तो कड़ियां एक निजी स्कूल से जा जुड़ीं। पता चला कि स्कूल में फेयरवेल पार्टी थी और एक नाबालिग छात्र टशन दिखाने के लिए घर से यह कार मांग लाया था। पुलिस सीधे स्कूल पहुंची और गाड़ी के मालिक का कच्चा चिट्ठा खोल दिया।
कार्रवाई ऐसी कि ‘वाह’ कह उठे लोग
सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल के निर्देशन में पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए न केवल कार को कब्जे में लिया, बल्कि निम्नलिखित सख्त कदम उठाए:
- नंबर प्लेट का ‘इलाज’: पुलिस ने थाने लाकर सबसे पहले उस आपत्तिजनक नंबर प्लेट को कार से उखाड़ फेंका।
- मोटा जुर्माना: MV एक्ट के तहत नाबालिग के परिजनों पर 25 हजार रुपये का भारी-भरकम जुर्माना ठोका गया।
- गाड़ी सीज: ‘रईसी’ का भूत उतारते हुए कार को तत्काल प्रभाव से सीज कर थाना परिसर में खड़ा कर दिया गया।
- काउंसलिंग की क्लास: छात्र और उसके परिजनों को थाने बुलाकर कानून का पाठ पढ़ाया गया और सख्त हिदायत देकर घर भेजा गया।
“दून पुलिस सड़कों पर हुड़दंग और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। अभिभावकों को चाहिए कि वे नाबालिग बच्चों के हाथ में मौत की चाबी (वाहन) न सौंपें।” — स्वप्निल मुयाल, सीओ सिटी
संदेश साफ है: सड़कों पर ‘चौड़’ दिखाने से पहले सावधान हो जाएं, क्योंकि देहरादून पुलिस की नजर और CCTV के लेंस से बचना नामुमकिन है।

