किसानों को दिया फसल बीमा का मंत्र
CNE REPORTER, हल्द्वानी: जिले के मुखिया जब खुद खेत की मेड़ पर उतरकर फसल काटते नजर आएं, तो कौतूहल होना स्वाभाविक है। शनिवार को हल्द्वानी के हरिपुरा तुलाराम गांव में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने रबी की फसल की कटाई (क्रॉप कटिंग) कर कृषि विभाग और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को न केवल परखा, बल्कि किसानों का उत्साह भी बढ़ाया।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने तहसील हल्द्वानी के अंतर्गत ग्राम हरिपुरा तुलाराम में किसान नागेंद्र सिंह के खेत में पहुंचकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के मानकों के अनुसार फसल कटाई प्रयोग संपन्न कराया। डीएम ने निर्धारित 43.3 वर्ग मीटर के प्लॉट पर जाकर खुद फसल की कटाई की प्रक्रिया में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने किसानों से संवाद कर उनके द्वारा उगाई जा रही फसलों और खेती में आ रही चुनौतियों की जानकारी भी ली।
क्यों महत्वपूर्ण है ‘क्रॉप कटिंग’?
मौके पर मौजूद अधिकारियों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि कृषि अर्थव्यवस्था की बुनियाद है। उन्होंने कहा:
“क्रॉप कटिंग के प्रयोग ही वह वैज्ञानिक आधार हैं, जिनसे जिले में फसलों की औसत उपज, कुल उत्पादन और उत्पादकता के सटीक आंकड़े तैयार किए जाते हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित करती है और खाद्यान्न खरीद की योजनाएं बनाती है।”
पारदर्शिता के सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्रॉप कटिंग का कार्य पूर्ण पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यही डेटा प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को बीमा क्लेम (क्षतिपूर्ति) दिलाने का मुख्य आधार बनता है।
जलवायु परिवर्तन और बेमौसम बारिश के जोखिम को देखते हुए डीएम ने स्थानीय कृषकों को फसल बीमा कराने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की फसल क्षति होने पर आर्थिक नुकसान से बचने के लिए बीमा एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है।
मौके पर मौजूद रहा प्रशासनिक अमला
इस विशेष निरीक्षण और क्रॉप कटिंग अभियान के दौरान प्रशासन की पूरी टीम मुस्तैद रही, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- कुलदीप पाण्डे (तहसीलदार)
- बृजेश कुमार (कानूनगो)
- अरुण वर्मा (राजस्व उप निरीक्षक)
- महेन्द्र सिंह डांगी व मीना नेगी (अपर सांख्यिकी अधिकारी)
- हेम सिंह नेगी (बीमा कंपनी प्रतिनिधि)



