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अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से अब तक 16 लोगों की मौतों की पुष्टि, 40 लापता

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श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में निचली गुफा के निकट अमरनाथ यात्रा मार्ग पर (AmarnathCloudburst) शुक्रवार शाम को भारी बादल फटने से अब तक 16 लोगों की मौतों की पुष्टि हुई है जबकि अभी भी लगभग 40 लोग लापता हैं। एनडीआरएफ डीजी अतुल करवाल आज सुबह घटनास्थल पर पहुंचे उन्होंने बताया, बचाव कार्य में 100 से अधिक बचावकर्मियों के साथ एनडीआरएफ की 4 टीमें। इसके अलावा, भारतीय सेना, एसडीआरएफ, सीआरपीएफ और अन्य बचाव कार्य में लगी हुई है।

9 शवों को नीलगढ़ से श्रीनगर ले जाया गया

BSF द्वारा मिले ताजा अपडेट के अनुसार, बीएसएफ एमआई 17 हेलिकॉप्टर को हवाई परिवहन में घायल व्यक्तियों और शवों के साथ-साथ नीलगढ़ हेलीपैड / बालटाल से बीएसएफ कैंप श्रीनगर तक आगे के इलाज के लिए या शवों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए कार्रवाई में लगाया गया। BSF MI-17 हेलिकॉप्टर द्वारा 9 शवों को नीलगढ़ से श्रीनगर ले जाया गया है।

घायलों को सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट

IAF अधिकारी ने बताया, अमरनाथ गुफा (Amarnath cave) स्थल से घायल तीर्थयात्रियों को भारतीय वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर में आगे के इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है। खराब मौसम के कारण लद्दाख सेक्टर से श्री घाटी में हेलिकॉप्टरों को लाना मुश्किल हो रहा है।

अमरनाथ पवित्र गुफा पहुंचे अधिकारी

इसके अलावा आज सुबह चिनार कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एडीएस औजला अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से प्रभावित इलाकों में पहुंचे जहां बचाव अभियान जारी है। जबकि आईजीपी कश्मीर विजय कुमार और संभागीय आयुक्त कश्मीर भी आज सुबह अमरनाथ पवित्र गुफा पहुंचे और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस घटना पर दुःख जताया है और शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

सूत्रों ने कहा कि बादल उस स्थान पर फटा, जहां लंगर के अलावा तीर्थयात्रियों को टेंट आवास प्रदान किया गया था। उन्होंने बताया कि अचानक आई बाढ़ में कई तंबू बह गए जिसमें अभी तक 16 यात्रियों की मौत हो गई और कई अब भी लापता हैं। अन्य लापता श्रद्धालुओं की तलाश जारी है। घटना में घायल कई लोगों को इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया गया।

पुलिस, सुरक्षा बलों और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की बचाव टीमों का बड़े पैमाने पर बचाव अभियान जारी है। एनडीआरएफ के महानदिशेक अतुल करवाल ने यहां बताया कि शाम करीब साढे पांच बजे बादल फटने की घटना के बाद आयी बाढ़ में श्रद्धालुओं के शिविर बह गये है।

करवाल ने बताया कि राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गयी हैं। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ की एक टीम गुफा के पास तैनात की गयी थी जो तुरंत बचाव एवं राहत कार्य में लग गयी थी। टीम ने कुछ लोगों को जीवित बचाया।

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