सीएनई रिपोर्टर, छिंदवाड़ा | मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में गुरुवार देर शाम एक हृदयविदारक सड़क हादसा हो गया। नागपुर रोड पर सिमरिया के पास एक तेज रफ्तार यात्री बस और लहसुन से लदे ट्रक के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। इस भीषण दुर्घटना में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया। कलेक्टर हरेंद्र नारायण और पुलिस अधीक्षक (SP) सहित तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुँचे और राहत कार्य का जायजा लिया।
कैसे हुआ हादसा?
बताया जा रहा है कि यह दुर्घटना उस वक्त हुई जब बस चालक ने एक वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी दौरान बस सामने से आ रहे लहसुन से भरे ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही चीख-पुकार मच गई। मृतकों में 6 पुरुष, 3 महिलाएं और एक बच्चा शामिल है।
मुख्यमंत्री की सभा से लौट रहे थे ग्रामीण
जानकारी के मुताबिक, ये सभी लोग छिंदवाड़ा पुलिस ग्राउंड में आयोजित ‘हितग्राही सम्मेलन’ और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जनसभा में शामिल होने आए थे। सभा समाप्त होने के बाद भंडारकुंड के ग्रामीण बस में सवार होकर वापस अपने गाँव लौट रहे थे, तभी सिमरिया के पास काल ने उन्हें घेर लिया।
अस्पताल में घायलों का तांता, कांग्रेस ने साधा निशाना
हादसे के बाद सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कई की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।
- प्रशासनिक मुस्तैदी: कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराना है।
- विपक्ष का हमला: जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे ने जिला अस्पताल पहुँचकर घायलों का हाल जाना। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा:”अष्टमी के पावन दिन मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए ग्रामीणों को लाने की क्या आवश्यकता थी? इस हादसे के लिए सीधे तौर पर भाजपा सरकार जिम्मेदार है। हमारी मांग है कि प्रत्येक पीड़ित परिवार को 2-2 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि दी जाए।”
वर्तमान स्थिति: पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र में शोक की लहर है और अस्पताल परिसर में परिजनों की भारी भीड़ जमा है।


