HomeUncategorized4 दिन से पाकिस्तानी सेना की गिरफ्त में BSF जवान, परिवार का...

4 दिन से पाकिस्तानी सेना की गिरफ्त में BSF जवान, परिवार का बुरा हाल

ADVERTISEMENTS

गलती से बॉर्डर पार हुआ था, तब से रिहाई नहीं

BSF Jawan in Pak Custody: गत 23 अप्रैल को भूलवश बॉर्डर पार चले गए BSF जवान पीके सिंह का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया था। उसे पाकिस्तानी सेना ने गिरफ्तार कर लिया था। भारत के कई प्रयासों के बावजूद उसकी रिहाई नहीं हो पा रहा है।

बताना चाहेंगे कि गत बुधवार 23 अप्रैल की दोपहर में BSF की 182वीं बटालियन के कॉन्स्टेबल पीके सिंह किसानों के साथ ड्यूटी पर थे। बताया गया कि ड्यूटी के दौरान वे छांव में आराम के लिए आगे बढ़े, जिस कारण गलती से पाकिस्तानी सीमा में घुस गए। इस दौरान पाकिस्तान रेंजर्स ने उन्हें पकड़ लिया।

65 साल के मैराथन मैन महिपाल सिंह
65 की उम्र में शुगर को दी मात!
देखें 'फिट दादाजी' की पूरी कहानी (आवाज़ के साथ)

पाकिस्तानी सेना ने कहा हमें BSF जवान की कोई जानकारी नहीं

BSF ने उसकी वापसी के तुरंत प्रयास शुरू कर दिए थे। दोनों देशों के अधिकारियों के बीच अब तक तीन फ्लैग मीटिंग हो चुकी हैं, लेकिन जवान को अभी तक रिहा नहीं किया गया है। पाकिस्तान ने फिलहाल यह कहकर जवान को लौटाने से मना कर दिया है कि उनके पास गिरफ्तार जवान की लोकेशन की कोई जानकारी नहीं है। इस घटना के बाद BSF ने भारत-पाक सीमा पर तैनात सभी यूनिट्स को हाई अलर्ट पर रखा है। इधर BSF के डायरेक्टर जनरल ने केंद्रीय गृह सचिव को पूरे घटनाक्रम और जवान की सुरक्षित वापसी के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी है।

जवान का परिवार डरा हुआ

गिरफ्तारी से BSF जवान का परिवार काफी चिंतित BSF जवान का पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। गिरफ्तारी के बाद से जवान का पूरा परिवार काफी चिंतित हैं और उनके पिता ने सरकार से बेटे की जल्द वापसी की अपील की है। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में काफी तनाव है। भारत ने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाया है और कड़े कदम उठाए हैं। अधिकारियों ने परिवार को बताया कि जवान की वापसी के लिए पाकिस्तान रेंजर्स पर दबाव बनाया जा रहा है। फ्लैग मीटिंग्स के जरिए उसके सुरक्षित रिहाई के प्रयास जारी हैं।

पहलगाम आतंकी हमले पर हुई थी बात: पत्नी

लापता जवान की पत्नी रजनी ने बताया कि उनकी पति से आखिरी बार फोन पर मंगलवार रात बात हुई थी। दोनों ने पहलगाम आतंकी हमले पर बात की थी। अगले दिन सुबह खबर आई कि साव को पाकिस्तानी रेंजर्स ने पकड़ लिया है। रजनी ने कहा कि उनके पति 17 साल से देश सेवा में हैं। उनकी केंद्र सरकार से एक ही विनती है कि किसी भी तरह उनके पति को जल्द व सुरक्षित देश वापस लाया जाए। साव दंपती का एक सात साल का बच्चा है। साव पिछले महीने छुट्टियों में घर आए थे। 31 मार्च को ही वे वापस ड्यूटी पर लौटे थे। वहीं बीएसएफ जवान के भाई राजेश्वर साव के मुताबिक, हमें बताया गया है कि रिहाई के लिए बातचीत चल रही है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार सभी प्रयास कर रही हैं। हमें उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद है।

ADVERTISEMENTS
Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments