दो डिलीवरी मैन गिरफ्तार
सीएनई ब्यूरो, हरिद्वार | ईरान-इजरायल संघर्ष के वैश्विक प्रभावों ने हरिद्वार के रसोई घरों तक दस्तक दे दी है। युद्ध के कारण आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की आशंका के बीच जनपद में घरेलू गैस सिलिंडरों के लिए हाहाकार मचा हुआ है। इसी संकटपूर्ण स्थिति का लाभ उठाकर चांदी कूटने वाले ‘कालाबाजारी गिरोह’ के विरुद्ध जिला प्रशासन ने अब हंटर चलाना शुरू कर दिया है।

शनिवार को हरिद्वार के नवोदय नगर में उस समय हड़कंप मच गया जब स्थानीय नागरिकों ने गैस डिलीवरी करने वाले दो चालकों को संदिग्ध अवस्था में गैस रिफिलिंग करते हुए पकड़ लिया। आरोप है कि ये चालक उपभोक्ताओं तक पहुँचाने से पहले ही सिलिंडरों से गैस चोरी कर उन्हें कम वजन में बेच रहे थे।
जनता की सतर्कता के बाद जिला पूर्ति विभाग की टीम ने मौके पर छापेमारी की। जाँच के दौरान मैसर्स सत्य इण्डेन गैस सर्विस (रोशनाबाद) के दो वाहनों को वितरण करते हुए पाया गया। जब टीम ने वाहनों में लदे 68 सिलिंडरों का वजन कराया, तो उनमें से 18 सिलिंडरों में गैस निर्धारित मानक से काफी कम पाई गई।
डीएम के सख्त तेवर: मुकदमा दर्ज
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पूर्ति विभाग को दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
- अभियुक्तों की पहचान: विकास कुमार (पुत्र इसम सिंह) और नवीन कुमार (पुत्र नक्कल सिंह), निवासी जगजीतपुर।
- कार्रवाई: दोनों चालकों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है।
- एजेंसी पर गाज: टीम ने सभी 18 कम वजन वाले सिलिंडरों को जब्त कर ‘श्री बालाजी भारत गैस सर्विस’ की सुपुर्दगी में दे दिया है। साथ ही, मुख्य एजेंसी स्वामी को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है।
“संकट के समय जनता के हक पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। व्यापारिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस के अवैध उपयोग और घटतौली को रोकने के लिए निरंतर छापेमारी जारी रहेगी।” — मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी, हरिद्वार
संकट और सतर्कता
विदित हो कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते गैस की किल्लत की अफवाहों ने बाजार में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है। जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को सख्त हिदायत दी है कि किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान (होटल, रेस्टोरेंट आदि) में घरेलू गैस का उपयोग न होने पाए। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि डिलीवरी लेते समय वजन की जाँच अवश्य करें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत विभाग को सूचित करें।


