सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर : देवभूमि के बागेश्वर जिले में इन दिनों व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। महीनों से आपूर्ति बाधित होने के कारण पर्यटन और खान-पान के व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों का धैर्य शुक्रवार को जवाब दे गया। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नेतृत्व में दर्जनों व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने अपना दर्द साझा किया। व्यापारियों का कहना है कि व्यावसायिक गैस (Commercial Gas) न मिलने के कारण जिले के छोटे-बड़े होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने ताला लटकाने की नौबत आ गई है।
“जब ईंधन ही नहीं होगा, तो कारोबार कैसे चलेगा? हम सिर्फ अपना व्यापार नहीं खो रहे, बल्कि अपने परिवारों का भविष्य भी दांव पर लगा रहे हैं।” — व्यापारी प्रतिनिधि
व्यापारियों ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख बिंदु उठाए हैं:
- आर्थिक मार: गैस की कमी से दैनिक आय ठप हो गई है, जिससे बैंक लोन और दुकान का किराया निकालना मुश्किल हो गया है।
- शिक्षा पर असर: अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने वाला है। कारोबार ठप होने से बच्चों की स्कूल फीस और अन्य खर्चों को लेकर अभिभावक चिंतित हैं।
- आंदोलन की चेतावनी: यदि एक सप्ताह के भीतर आपूर्ति सुचारू नहीं की गई, तो जिले भर के व्यापारी उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे।
इस प्रदर्शन में व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष बबलू नेगी और नगर अध्यक्ष सूरज जोशी ने नेतृत्व किया। साथ ही अनिल कार्की, हरीश सोनी, किशन राम, देवेंद्र अधिकारी, दीप जोशी, सोनू पांडे, गिरीश बिष्ट, नरेंद्र खेतवाल और सुरेश सोनियाल समेत भारी संख्या में स्थानीय व्यापारी मौजूद रहे।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार
व्यापारियों के इस कड़े रुख के बाद अब गेंद प्रशासन के पाले में है। पर्यटन सीजन के करीब होने के कारण यदि यह समस्या जल्द हल नहीं हुई, तो बागेश्वर की अर्थव्यवस्था पर इसका गहरा असर पड़ सकता है। फिलहाल, व्यापारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अब कोरे आश्वासनों से मानने वाले नहीं हैं।


