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बागेश्वर: छाती-मनकोट में गुलदार पिंजरे में कैद

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7 जनवरी को देवकी देवी की गुलदार के हमले में हुई थी मौत

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर | उत्तराखंड के बागेश्वर जिले से बड़ी खबर है। छाती-मनकोट क्षेत्र में पिछले कई दिनों से दहशत का पर्याय बना गुलदार आखिरकार वन विभाग के बिछाए जाल में फंस गया है। रविवार तड़के वन विभाग की टीम को यह बड़ी सफलता हाथ लगी। इस गुलदार के पकड़े जाने से स्थानीय ग्रामीणों ने बड़ी राहत महसूस की है, क्योंकि हाल ही में इस क्षेत्र में एक महिला को गुलदार ने अपना निवाला बना लिया था।

उल्लेखनीय है कि बीती 7 जनवरी को मनकोट निवासी देवकी देवी जब पानी लेने गई थीं, तब गुलदार ने उन पर हमला कर दिया था। देर रात उनका शव माल्ता के जंगलों से बरामद हुआ था। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल था और ग्रामीण लगातार आदमखोर गुलदार को पकड़ने की मांग कर रहे थे।

कड़ाके की ठंड में रात भर चला सर्च ऑपरेशन

गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने प्रभावी रणनीति बनाई थी। रेंजर केवलानंद पांडे के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर पिंजरे लगाए थे। शनिवार की पूरी रात कड़ाके की ठंड के बावजूद वन कर्मियों ने इलाके में गश्त जारी रखी।

अभियान में शामिल टीम:

  • चंदन सिंह टांगणिया
  • वन दरोगा तारा सिंह फर्स्वाण
  • वन आरक्षी किशोर चंद्र
  • सुधीर कुमार और चंदन राम

रविवार सुबह लगभग 4:00 बजे गुलदार छाती-मनकोट के जंगल में लगे एक पिंजरे में कैद हो गया।

मेडिकल जांच में स्वस्थ मिला 12 वर्षीय नर गुलदार

पकड़े जाने के बाद गुलदार को बागेश्वर रेंज कार्यालय लाया गया। यहाँ पशु चिकित्सक डॉ. गौरव कोहली ने उसका विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के बाद पुष्टि हुई कि पकड़ा गया गुलदार लगभग 12 वर्ष का नर है और वह पूरी तरह स्वस्थ है।

“छाती-मनकोट में लगाए गए पिंजरे में रविवार सुबह चार बजे गुलदार कैद हुआ है। 12 वर्षीय नर गुलदार पूरी तरह स्वस्थ है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार अब उसे अल्मोड़ा चिड़ियाघर (Zoo) भेजा जाएगा।” — दीपक सिंह, प्रभारी डीएफओ, बागेश्वर

ग्राम प्रधान ने की थी शिनाख्त

आरे के ग्राम प्रधान दीपक खेतवाल ने बताया कि जिस स्थान पर देवकी देवी का शव मिला था, वहां उन्होंने इसी गुलदार को देखा था। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी थी, जिसके बाद विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए अपनी गश्त और निगरानी बढ़ा दी थी।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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