लाइब्रेरी से लौटा भाई, फंदे पर झूल रही थी बहन
अल्मोड़ा। पहाड़ों की शांत वादियों के बीच बसे अल्मोड़ा शहर के जौहरी बाजार में रविवार की शाम एक ऐसी दुखद खबर आई, जिसने हर किसी का दिल दहला दिया। मूल रूप से शीतलाखेत के ग्राम नौला निवासी नरेंद्र कुमार की पुत्री संजना आर्या, जो यहाँ रहकर अपने सुनहरे भविष्य के सपने बुन रही थी, उसने अचानक मौत को गले लगा लिया।
मिली जानकारी के मुताबिक संजना सोबन सिंह जीना (एसएसजे) परिसर में बीए तृतीय वर्ष की होनहार छात्रा थी। वह जौहरी बाजार स्थित एक किराये के कमरे में अपने भाई के साथ रहकर पढ़ाई कर रही थी। रविवार देर शाम जब उसका भाई रोज की तरह अपनी पढ़ाई के लिए लाइब्रेरी गया हुआ था, तब संजना कमरे में अकेली थी। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि एकांत के उन क्षणों में संजना के मन में क्या उथल-पुथल चल रही थी।
जब दस्तक का कोई जवाब नहीं मिला
देर शाम जब भाई लाइब्रेरी से वापस लौटा, तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। उसने सामान्य समझकर कुंडा खटखटाया और संजना को आवाज दी, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। काफी देर तक दरवाजा न खुलने और भीतर छाई खामोशी ने भाई के मन में अनहोनी की आशंका पैदा कर दी। आसपास के लोगों की मौजूदगी में जब खिड़की या दरवाजे के झरोखे से अंदर झांका गया, तो वहां का दृश्य देख सबकी रूह कांप गई; संजना का शव फंदे से लटका हुआ था।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा खोलकर शव को नीचे उतारा। जैसे ही यह खबर शीतलाखेत पहुंची, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अपनी लाडली को खोने के गम में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बेटी को बड़े अरमानों के साथ उच्च शिक्षा के लिए शहर भेजा था, उसका शव घर लौटेगा, यह सोचकर ही पूरे गांव में मातम पसरा है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
कोतवाली प्रभारी योगेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
“फिलहाल मौत के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी।”
फिलहाल, पुलिस छात्रा के मोबाइल और अन्य सामानों की भी जांच कर रही है ताकि इस आत्मघाती कदम के पीछे के कारणों का सुराग मिल सके।



