👉 गायत्री परिवार ने रैली निकालकर चितई में पशुबलि को लेकर जगाई अलख
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: लंबे समय से मंदिरों में पशुबलि रोकने तथा नशामुक्ति के लिए अभियान चलाते आ रहे गायत्री परिवार के सदस्यों ने शुक्रवार को प्रसिद्ध चितई मंदिर में इसके लिए जागरूकता की अलख जगाई। जन जागरण के लिए चितई गोलू मंदिर से गंगनाथ मंदिर तक जागरूकता रैली निकाली।

इस दौरान ‘अनाचार का अंत हो-पशुबलि बंद हो’, ‘नशा नाश की जड़ है भाई-फल इसका अति दुखदाई’ जैसे प्रेरक नारे लगाए। मंदिर में आ रहे भक्तों से वार्ता कर उन्हें सात्विक पूजा के लिए प्रेरित किया, ताकि मंदिर स्वच्छता व सकारात्मकता से परिपूर्ण रहें। उन्होंने मंदिरों में बकरे के बजाय नारियल का विकल्प दिया। गायत्री परिवार का दावा है कि इस दौरान बागेश्वर से दो बकरे लेकर आए श्रद्धालु प्रेरित होकर बकरे वापस ले गए। इनके अलावा दो अन्य परिवार भी बकरे वापस ले गए। गायत्री परिवार के अंबादत्त सती ने कहा है कि गायत्री परिवार द्वारा पिछले करीब ढाई दशक से चलाये जा रहे जनजागरण अभियान असरकारक रहा है। यही वजह है कि चितई मंदिर में पशुबलि काफी कम हुई है। उन्होंने कहा है कि अधिकांश भक्तजन अब फल, फूल व नारियल से पूजा कर रहे हैं। आज जनजागरण अभियान में अंबादत्त सती, जगजीवन खोलिया, नमन वर्मा, बलवंत, प्रमोद कुमार, अर्जुन सिंह नेगी, हरीश बिष्ट, भीम सिंह अधिकारी, मीनू भट्ट, रीता पांडेय, उषा जोशी, डा. मीनाक्षी पाण्डेय, मंजू जोशी, ममता बिष्ट, नीलम नेगी, आरती वर्मा आदि कई लोग शामिल रहे।

