ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी चोनीखेत (सिरसा) क्षेत्र में आवास से कुत्ते को उठा ले जाने की दुस्साहसिक घटना के बाद वन विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर गुलदार की निगरानी के लिए ट्रैक कैमरे लगा दिए हैं। साथ ही, ग्रामीणों को बेहद सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।

विदित हो कि मंगलवार को पूर्व ग्राम प्रधान एवं वरिष्ठ पत्रकार अनूप सिंह जीना के आवास से गुलदार दिनदहाड़े पालतू कुत्ते को उठा ले गया था। इस घटना के बाद से गुलदार लगातार क्षेत्र में ही डटा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेस्टर संजय कुमार, टम्टा और फॉरेस्ट गार्ड वीर पाल के नेतृत्व में वन कर्मियों ने चोनीखेत का दौरा किया।
टीम ने उन रास्तों और ठिकानों की शिनाख्त की, जहाँ गुलदार के पदचिह्न पाए गए थे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में गुलदार की मूवमेंट पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है।
पुष्टि होते ही लगेगा पिंजरा
वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। निरीक्षण के दौरान टीम ने प्रभावित स्थल के समीप रणनीतिक रूप से ट्रैक कैमरे स्थापित किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि:
“कैमरों की फुटेज में गुलदार की सक्रियता की पुष्टि होते ही उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार क्षेत्र में पिंजरा लगा दिया जाएगा, ताकि आबादी को इस खतरे से निजात मिल सके।”
ग्रामीणों के लिए सुरक्षा निर्देश (एडवाइजरी)
वन विभाग ने क्षेत्र में भारी दहशत को देखते हुए ग्रामीणों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- अकेले आवाजाही पर रोक: ग्रामीण विशेषकर शाम ढलने के बाद और सुबह तड़के अकेले घरों से बाहर न निकलें।
- सुरक्षा उपकरण: रात के समय आवाजाही अनिवार्य होने पर हाथ में टॉर्च और डंडा जरूर रखें।
- सामूहिक सतर्कता: शोर-शराबा करते हुए चलें और बच्चों व बुजुर्गों को घर के आंगन में अकेला न छोड़ें।
इंसानी जान पर खतरे से सहमे ग्रामीण
हालांकि विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है, लेकिन ग्रामीणों में अब भी भारी डर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गुलदार अब पालतू जानवरों के बाद इंसानों को निशाना बना सकता है, क्योंकि वह लगातार पत्रकार के घर के इर्द-गिर्द देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने विभाग से जल्द से जल्द गुलदार को आदमखोर घोषित होने से पहले ही पकड़ने की गुहार लगाई है।


