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न्याय व्यवस्था में सुधार पर बोले न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी, “कम होनी चाहिए मुकदमे की उम्र”

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  • अल्मोड़ा बार एसोसिएशन के शताब्दी समारोह का समापन
  • सामाजिक और आर्थिक न्याय ही होगी देश की स्वतंत्रता : न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा

अल्मोड़ा जिला बार एसोशिएशन के दो दिवसीय शताब्दी वर्ष समारोह का समापन हो गया है। दूसरे दिन शनिवार को न्याय व्यवस्था में सुधार को लेकर विशेषज्ञों में अपने विचार रखे। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी ने शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में न्याय व्यवस्था में सुधार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव रखे। कहा कि न्याय व्यवस्था में केस जल्द से जल्द खत्म होने चाहिए।

मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी ने अल्मोड़ा की तारीफ करते हुए कहा कि अल्मोड़ा लिंगानुपात के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी देश अव्वल है। अल्मोड़ा की संस्कृति और लोक सभ्यता से वह पहले से ही काफी प्रभावित रहे हैं। 2015 में वह सपरिवार अल्मोड़ा आये थे, तब वह नन्दा देवी मेला समेत यहां कि लोक धुनों और लोक सस्कृति से काफी प्रभावित हुए थे।

भारत का संविधान और न्याय व्यवस्था के बारे में बोलते हुए न्यायमूर्ति मैठाणी ने कहा कि न्याय व्यवस्था में केस जल्द से जल्द खत्म होने चाहिए। उन्होंने कहा कि एक मुक़दमे की उम्र कम से कम हो और मुकदमें ज्यादा हो, यही सही न्याय व्यवस्था है। हमारे देश का संविधान एक समाज की परिकल्पना करता है, जिसमे प्रत्येक को सामाजिक के साथ आर्थिक न्याय संविधान में उल्लेखित है। यही नहीं उन्होंने कहा कि यह अकादमिक बात होगी कि जब तक सामाजिक और आर्थिक न्याय इस देश मे लोगों को नही मिलेगा तब तक यह देश के लिए असल स्वतंत्रता नही है। इस मौके पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष शेखर लखचौरा, उपाध्यक्ष कुंदन लटवाल, सचिव भुवन पांडे, कमलेश कुमार, वैभव पांडे, केवल सती, मनोज पंत, भानु तिलारा, महेश परिहार, जमन सिंह बिष्ट, सुनील ग्वाल, दीप जोशी, भगवत मेर, हरीश लोहनी, नारायण सिंह जीना, त्रिभुवन पांडे, सुरेंद्र कुमार अग्निहोत्री, भोला शंकर जोशी, राजा अंडोला समेत कई लोग मौजूद।

इस मौके पर वकालत के क्षेत्र में पचास वर्ष पूर्ण करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ताओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले अधिवक्ताओं में वरिष्ठ अधिवक्ता मोहसीन सिद्दकी, मोहन सिंह जैड़ा, प्रभा पांडे शामिल रहे। इन्हें प्रतीक चिन्ह और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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