अल्मोड़ा। उत्तराखंड लोक वाहिनी का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वरिष्ठ अधिवक्ता वह वाहिनी नेता जगत सिंह रौतेला की अध्यक्षता में संवाद आयोजित हुआ। जिसमें महाराष्ट्र में 16 मजदूरों की मालगाड़ी की चपेट में आने से हुई मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए मजदूरों को उचित सुरक्षा व सम्मान के साथ नि:शुल्क गंतव्य स्थानों में पहुंचाने की मांग की गई। संवाद में सरकार द्वारा मनमाने ढंग से खोली जा रही शराब की दुकानों तथा इनके माध्यम से लॉक डाउन के नियमों के उल्लंघन पर आपत्ति व्यक्त की गई। एक ओर समाज लॉक डाउन के नियमों का पालन कर रहा है, वहीं शराब की दुकानों पर इसका उल्लंघन किया जा रहे है।
देवाल, चमोली ब्लाक प्रमुख दर्शन दानू और उनके साथ अन्य जन प्रतिनिधियों के द्वारा शराब के ठेके को बंद करवाने के लिए मांग करते हुए जनता की आवाज को शासन—प्रशासन तक पहुंचाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया जा रहा था। ऐसा करने पर वहां के एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों को उठा कर जेल में डाल दिया। जिसकी वाहिनी घोर निन्दा करती है और जल्द से जल्द रिहाई की मांग करती है। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को उठाने पर कोरोना संकट के नाम पर एक वरिष्ठ सदस्य प्रतिनिधि के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार किया जाएगा तो आम जनता के साथ प्रशासकीय अधिकारी कैसा व्यवहार नहीं करेंगे? लॉक डाउन के कारण प्रदेश में नशा मुक्त समाज और वातावरण बनने लगा था और उत्तराखंड वासी भी नशे से दूर होते जा रहे थे ऐसे समय में सरकार द्वारा शराब की दुकानों को खुलवा कर उत्तराखंड के हालात बदतर ही होंगे। संवाद में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वाहिनी के पूरन चन्द्र तिवाड़ी, जंग बहादुर थापा, दयाकृष्ण कांडपाल, अजयमित्र सिंह बिष्ट, कुणाल तिवाड़ी, अजय मेहता, रेवती बिष्ट आदि ने भाग लिया।
उलोवा के संवाद में उठा 16 मजदूरों की मौत और उत्तराखंड में शराब की दुकानें खुलने का मुद्दा, सरकार की नीतियों पर उठाये सवाल
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