HomeBreaking Newsलो जी, हरदा ने खोल दिए पत्ते, कब लेंगे सन्यास- बताया फेसबुक...

लो जी, हरदा ने खोल दिए पत्ते, कब लेंगे सन्यास- बताया फेसबुक पर

क्वारब-चौसली लिंक मार्ग खुशखबरी
LIVE UPDATE

बड़ी खुशखबरी: क्वॉरब-चौसली लिंक मार्ग को मिली हरी झंडी, कल से खुल सकता है रास्ता!

अल्मोड़ा प्रशासन की टीम ने किया मुआयना, देखिए ग्राउंड रिपोर्ट और गाड़ियों का लाइव ट्रायल...

यहाँ क्लिक कर के पूरा वीडियो देखें ➔

हल्द्वानी। पूर्व सीएम हरीश रावत ने फेसबुक पर उनके उपर आक्षेप लगाने वाले नेताओं की क्लास ली है। उन्होंने उन्हें हार का जिम्मेदार ठहराने वाले नेताओं को बिना नाम लिए यह जता दिया है कि उन्हें पार्टी में हासिए पर डालने के प्रयास फिलहाल तो सफल नहीं हा सकेंगे। हरीश रावत ने फेसबुक में अब से कुछ देर पहले डाली गई पोस्ट में यह भी साफ किया है कि वे संन्यास कब लेंगे। उनके इस पोस्ट पर नाना प्रकार के रोचक कमेंट भी सामने आ रहे है। उन्होंने लिखा है कि वे संन्यास अवश्य लेंगे लेकिन 2024 चुनाव के बाद जब राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे तो वे संन्यास लेंगे। इस पर लोग तरह तरह के कमेंट कर रहे हैं। हर्षवर्धन जोशी नामक यूजर लिखते हैं…सीधे शब्दों में ,, ना राहुल दाज्यू ने प्रधानमंत्री बनना हैं, ना हरदा ने सन्यास लेना है।

ADVERTISEMENTSAd


हरदा ने अपनी पोस्ट में लिखा है… महाभारत के युद्ध में अर्जुन को जब घाव लगते थे, वो बहुत रोमांचित होते थे। राजनैतिक जीवन के प्रारंभ से ही मुझे घाव दर घाव लगे, कई-कई हारें झेली, मगर मैंने राजनीति में न निष्ठा बदली और न रण छोड़ा। मैं आभारी हूं, उन बच्चों का जिनके माध्यम से मेरी चुनावी हारें गिनाई जा रही हैं, इनमें से कुछ योद्धा जो RSS की क्लास में सीखे हुए हुनर, मुझ पर आजमा रहे हैं। वो उस समय जन्म ले रहे थे, जब मैं पहली हार झेलने के बाद फिर युद्ध के लिए कमर कस रहा था, कुछ पुराने चकल्लस बाज़ हैं जो कभी चुनाव ही नहीं लड़े हैं और जिनके वार्ड से कभी कांग्रेस जीती ही नहीं, वो मुझे यह स्मरण करा रहे हैं कि मेरे नेतृत्व में कांग्रेस 70 की विधानसभा में 11 पर क्यों आ गई! ऐसे लोगों ने जितनी बार मेरी चुनावी हारों की संख्या गिनाई है, उतनी बार अपने पूर्वजों का नाम नहीं लिया है, मगर यहां भी वो चूक कर गये हैं। अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत व बागेश्वर में तो मैं सन् 1971-72 से चुनावी हार-जीत का जिम्मेदार बन गया था, जिला पंचायत सदस्यों से लेकर जिलापंचायत, नगर पंचायत अध्यक्ष, वार्ड मेंबरों, विधायकों के चुनाव में न जाने कितनों को लड़ाया और न जाने उनमें से कितने हार गये, ब्यौरा बहुत लंबा है मगर उत्तराखंड बनने के बाद सन् 2002 से लेकर सन् 2019 तक हर चुनावी युद्ध में मैं नायक की भूमिका में रहा हूं, यहां तक कि 2012 में भी मुझे पार्टी ने हैलीकॉप्टर देकर 62 सीटों पर चुनाव अभियान में प्रमुख दायित्व सौंपा। चुनावी हारों के अंकगणित शास्त्रियों को अपने गुरुजनों से पूछना चाहिए कि उन्होंने अपने जीवन काल में कितनों को लड़ाया और उनमें से कितने जीते? यदि अंकगणितीय खेल में उलझे रहने के बजाय आगे की ओर देखो तो समाधान निकलता दिखता है।

श्री त्रिवेंद्रसरकार के एक काबिल मंत्री जी ने जिन्हें मैं उनके राजनैतिक आका के दुराग्रह के कारण अपना साथी नहीं बना सका, उनकी सीख मुझे अच्छी लग रही है। मैं संन्यास लूंगा, अवश्य लूंगा मगर 2024 में, देश में राहुल गांधी जी के नेतृत्व में संवैधानिक लोकतंत्रवादी शक्तियों की विजय और श्री राहुलगांधी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद ही यह संभव हो पायेगा, तब तक मेरे शुभचिंतक मेरे संन्यास के लिये प्रतीक्षारत रहें।
देखें हरीश रावत की पोस्ट

https://www.facebook.com/Harishrawatcmuk/posts/1713399565501277


ADVERTISEMENTS
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments