खेती-किसानी से जुड़ी योजनाओं में बदलने जा रहा है बहुत कुछ !
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। खेती-किसानी से जुड़ी सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए किसानों के लिए फार्मर आईडी महत्वपूर्ण साबित होने जा रही है। केंद्र सरकार के डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत तैयार की जा रही फार्मर रजिस्ट्री भविष्य में कृषि सेवाओं तक किसानों की पहुंच आसान बनाने के साथ ही योजनाओं में पारदर्शिता और पात्र लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद के सभी किसान भाई-बहनों से अपनी फार्मर आईडी बनवाने की अपील की है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि भारत सरकार के डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के अंतर्गत एग्रीस्टैक व्यवस्था के तहत किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा रही है। इसके माध्यम से किसानों की पहचान और उनकी भूमि से संबंधित निर्धारित विवरणों का डिजिटल अभिलेखीकरण किया जाएगा।
इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना, पात्र किसानों की पहचान करना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना है। भविष्य में विभिन्न कृषि सेवाओं और योजनाओं के तहत किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी फार्मर रजिस्ट्री की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
कहां बनवा सकते हैं फार्मर आईडी?
डीएम ने किसानों से अपील की है कि वे फार्मर रजिस्ट्री के महत्व को समझते हुए पंजीकरण में देरी न करें। इसके लिए किसान अपने निकटवर्ती कृषि, उद्यान एवं सहकारिता विभाग के कार्यालय या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से संपर्क कर फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।
उन्होंने किसानों से यह भी कहा कि वे अपने आसपास के अन्य किसानों को फार्मर आईडी बनवाने के लिए प्रेरित करें, ताकि अधिक से अधिक किसान इस डिजिटल व्यवस्था से जुड़ सकें।
किसानों से सामूहिक भागीदारी की अपील
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य सफल बनाने के लिए सभी किसानों का सहयोग आवश्यक है। सामूहिक प्रयासों से कृषि क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा और किसानों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंचने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनेगी।
उन्होंने जनपद के किसानों से फार्मर रजिस्ट्री अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कृषि व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और तकनीक-सक्षम बनाने में योगदान देने की अपील की।










