रामलीला के मंच पर जीवंत हुई त्रेतायुग की गाथा, श्रीराम के जयकारों से गूंजा शिव प्रांगण

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रामलीला के मंच पर जीवंत हुई त्रेतायुग की गाथा, श्रीराम के जयकारों से गूंजा शिव प्रांगण
रामलीला के मंच पर जीवंत हुई त्रेतायुग की गाथा, श्रीराम के जयकारों से गूंजा शिव प्रांगण

श्री रामलीला कमेटी बाधाण चिलिनौला के तत्वाधान में आयोजन

मुख्य अतिथि डॉ. प्रमोद नैनवाल ने की शिरकत

सीएनई संवाददाता, रानीखेत। रानीखेत। चिलियानौला नगर पालिका क्षेत्र के बधान में आयोजित पारंपरिक रामलीला में इन दिनों भगवान श्रीराम की लीलाओं का मनोहारी मंचन दर्शकों को भक्तिरस से सराबोर कर रहा है। श्री रामलीला कमेटी बधान, चिलियानौला के तत्वावधान में 22 अक्टूबर से शुरू हुई रामलीला के तहत शनिवार की रात ऐतिहासिक शिव प्रांगण में सीता स्वयंवर, भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग और भगवान परशुराम-लक्ष्मण संवाद के प्रसंगों का जीवंत मंचन किया गया।


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रामलीला के दौरान माता सीता के स्वयंवर का दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। स्वयंवर सभा में भगवान श्रीराम ने भगवान शिव के दिव्य पिनाक धनुष को उठाकर जैसे ही प्रत्यंचा चढ़ाने का प्रयास किया, धनुष टूट गया। धनुष टूटने की गूंज के साथ ही पूरा शिव प्रांगण जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। इस दौरान देवताओं द्वारा पुष्पवर्षा और माता सीता द्वारा भगवान श्रीराम के गले में वरमाला डालने के प्रसंग ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

इसी बीच शिव धनुष टूटने की ध्वनि सुनकर भगवान परशुराम अत्यंत क्रोधित होकर स्वयंवर सभा में पहुंच गए। भगवान शिव के धनुष को तोड़े जाने पर उनकी नाराजगी और अयोध्या के राजकुमार लक्ष्मण के साथ हुए तीखे संवाद ने रामलीला में रोमांच भर दिया। दोनों पात्रों के बीच प्रभावशाली संवाद अदायगी ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। इसी प्रसंग के साथ शनिवार की लीला को विराम दिया गया।

विधायक प्रमोद नैनवाल ने कलाकारों का बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने नगरवासियों को रामलीला की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने युवा पीढ़ी से भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और मर्यादाओं से प्रेरणा लेकर उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। साथ ही आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए रामलीला कमेटी को धन्यवाद दिया।

युवा कलाकारों ने अभिनय से जीता दर्शकों का दिल

रामलीला में युवा कलाकारों ने विभिन्न पात्रों का सजीव अभिनय कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। भगवान श्रीराम की भूमिका हर्षित त्रिपाठी, लक्ष्मण की भूमिका अनुज देव, माता सीता की भूमिका हर्षिता रावत, भगवान परशुराम की भूमिका प्रकाश सिंह कुंवार्बी, रावण की भूमिका नीरज तिवारी तथा महर्षि विश्वामित्र की भूमिका विनोद कुमार जोशी ने निभाई।

आयोजन को सफल बनाने में समिति अध्यक्ष सुंदर सिंह कुंवार्बी के साथ विनोद बिष्ट और ललित सिंह बोरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं गणेश कुंवार्बी, धर्मेंद्र अधिकारी, पत्रकार नवीन भट्ट, कमलेश बोरा तथा नगर पालिका अध्यक्ष अरुण रावत का भी सहयोग रहा।

पात्रों की रूप-सज्जा की जिम्मेदारी नरेश त्रिपाठी, गोपाल आर्या, आनंद सिंह कुंवार्बी और नवीन चंद्र कांडपाल ने निभाई। संपूर्ण रामलीला का संचालन मुकुल सती ने किया।

चिलियानौला की यह रामलीला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी हुई है, बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपरा और युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम साबित हो रही है।

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