नानकमत्ता में खूनी तांडव! 15–20 हमलावरों का हमला, सतनाम सिंह की गोली मारकर हत्या

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सतनाम सिंह की गोली मारकर हत्या
सतनाम सिंह की गोली मारकर हत्या

आठ नामजद समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा

CNE NEWS | रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिले के नानकमत्ता क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने से सनसनी फैल गई। ग्राम सिद्धा नवदिया में शनिवार, 17 अक्टूबर की देर रात कथित तौर पर कार और बाइकों से पहुंचे 15 से 20 हमलावरों ने पहले एक घर पर पथराव और फायरिंग की। इसके बाद खेत से घर लौट रहे 35 वर्षीय सतनाम सिंह को रास्ते में घेरकर गोली मार दी। गोली सीने में लगने से गंभीर रूप से घायल सतनाम को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।


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आरोप है कि हमलावरों ने वारदात के बाद सतनाम सिंह को कार से टक्कर भी मारी और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत और तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर आठ नामजद आरोपियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इस घटना का सबसे गंभीर पहलू यह है कि परिजनों के अनुसार, विवाद और जान से मारने की धमकी को लेकर पहले भी पुलिस से शिकायत की गई थी। अब परिवार पुलिस की पूर्व कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है। हालांकि, पहले दी गई शिकायत और उस पर हुई कार्रवाई के दस्तावेजी विवरण की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

क्या है पूरा मामला? बीच-बचाव के बाद शुरू हुई रंजिश

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सिद्धा नवदिया निवासी कुलदीप सिंह पुत्र चरनजीत सिंह कुछ दिन पहले गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद में बीच-बचाव करने पहुंचे थे। बताया जाता है कि इसी घटना के बाद एक पक्ष उनसे रंजिश रखने लगा।

परिजनों का आरोप है कि इसके बाद कुलदीप सिंह को जान से मारने की धमकी दी गई। इस संबंध में उन्होंने नानकमत्ता थाना पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी।

इसी कथित पुरानी रंजिश को शनिवार देर रात हुई वारदात की पृष्ठभूमि बताया जा रहा है। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह, उसमें शामिल पक्षों की भूमिका और हत्या के पीछे के कारणों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच से ही होगी।

रात करीब 10 बजे घर पर हमला, पथराव के बाद शुरू हुई फायरिंग

परिजनों के अनुसार, शनिवार रात करीब 10 बजे 15 से 20 लोग कार और बाइकों से कुलदीप सिंह के घर पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने घर के बाहर पथराव किया और फिर गोलियां चलानी शुरू कर दीं।

अचानक हुए हमले से परिवार में अफरा-तफरी मच गई। घर के लोगों ने खुद को बचाने की कोशिश की। इसी दौरान कुलदीप सिंह का बेटा प्रिंस छत पर पहुंचा और घटना का वीडियो बनाने लगा।

आरोप है कि हमलावरों ने प्रिंस पर भी गोली चलाई, लेकिन वह बाल-बाल बच गया। परिजनों का दावा है कि प्रिंस ने फायरिंग का वीडियो भी बनाया है। इस वीडियो की उपलब्धता और प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

यदि वीडियो जांच में प्रमाणित होता है, तो उससे हमलावरों की पहचान, उनकी संख्या और वारदात के घटनाक्रम की पड़ताल में मदद मिल सकती है।

मूंगफली की कटी फसल की देखरेख कर लौट रहे थे सतनाम सिंह

घर पर हमले के बाद हमलावरों के लौटने के दौरान वारदात ने जानलेवा रूप ले लिया।

बताया गया है कि कुलदीप सिंह के बड़े भाई सतनाम सिंह (35) खेत में मूंगफली की कटी फसल की देखरेख करने गए थे। देर रात वह खेत से घर लौट रहे थे। इसी दौरान कथित तौर पर उनका सामना हमलावरों से हो गया।

आरोप है कि हमलावरों ने सतनाम सिंह को घेर लिया और उनके सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद आरोपियों पर कार से उन्हें टक्कर मारने का भी आरोप है। वारदात के बाद हमलावर तेज रफ्तार से मौके से फरार हो गए।

घर पर पथराव और फायरिंग के बाद परिवार के सदस्य की हत्या की इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।

तो क्या छोटे भाई कुलदीप को मारने आए थे हमलावर ! बीच में आए सतनाम सिंह को घेरकर मारी गोली

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नानकमत्ता के सिद्धा नवदिया गांव में चार दिन पहले दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस विवाद के दौरान कुलदीप सिंह को जान से मारने की धमकी दी गई थी और सतनाम सिंह बीच-बचाव करने पहुंचे थे। इसके बाद एक पक्ष उनसे रंजिश रखने लगा था। रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार रात हमलावर कुलदीप सिंह को निशाना बनाने के इरादे से आए थे। घर पर पथराव और फायरिंग के दौरान सतनाम सिंह खेत में मूंगफली की कटी फसल देखने गए हुए थे। हमलावरों के लौटते समय सतनाम सिंह रास्ते में मिल गए। आरोप है कि उन्हें घेरकर सीने में गोली मार दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई।

गोली लगने से गंभीर रूप से घायल सतनाम सिंह को परिजन तत्काल उप जिला चिकित्सालय सितारगंज लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रुद्रपुर रेफर कर दिया। रुद्रपुर जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने देर रात सतनाम सिंह को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर नानकमत्ता पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मोर्चरी भिजवाया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, रविवार सुबह पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य चिकित्सकीय साक्ष्य मृत्यु से संबंधित परिस्थितियों की पुष्टि करने में महत्वपूर्ण होंगे।

पहले मिली धमकी की शिकायत पर कार्रवाई हुई या नहीं?

हत्या के बाद परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कुलदीप सिंह को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद नानकमत्ता थाना पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

परिजनों का कहना है कि यदि उनकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की गई होती, तो शायद इस वारदात को रोका जा सकता था और सतनाम सिंह की जान बच सकती थी। उन्होंने कथित आरोपियों के आपराधिक इतिहास का भी दावा किया है।

हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि के लिए पहले दी गई शिकायत की प्रति, पुलिस की कार्रवाई का रिकॉर्ड और संबंधित व्यक्तियों के आपराधिक इतिहास की आधिकारिक जानकारी आवश्यक है। फिलहाल उपलब्ध विवरण के आधार पर पुलिस की लापरवाही को प्रमाणित तथ्य नहीं कहा जा सकता।

अब जांच में इन सवालों के जवाब तलाशना जरूरी

इस हत्याकांड में कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं:

  • घर पर हुए हमले और सतनाम सिंह की हत्या के बीच की पूरी कड़ी क्या थी?
  • कथित तौर पर पहुंचे 15–20 हमलावरों की पहचान कैसे होगी?
  • क्या प्रिंस के पास घटना का वीडियो उपलब्ध है और क्या उससे आरोपियों की पहचान हो सकती है?
  • पहले दी गई धमकी की शिकायत पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज थी? यदि हां, तो उस पर क्या कार्रवाई हुई?
  • प्राथमिकी में दर्ज आठों नामजद आरोपियों की वास्तविक भूमिका क्या है?
  • क्या पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है और क्या हथियार या अन्य साक्ष्य बरामद हुए हैं?

इन सवालों का जवाब घटनास्थल से मिले साक्ष्य, गवाहों के बयान, वीडियो की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई से मिल सकेगा।

गांव में दहशत, निष्पक्ष जांच पर टिकी निगाहें

सिद्धा नवदिया में सतनाम सिंह की हत्या ने पुरानी रंजिश के हिंसक परिणामों को सामने ला दिया है। एक घर पर पथराव और फायरिंग से शुरू हुआ घटनाक्रम एक युवक की मौत पर समाप्त हुआ। परिजन पहले मिली धमकी की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू किए जाने की जानकारी दी है।

अब पूरे मामले में निष्पक्ष जांच, आरोपियों की पहचान, साक्ष्यों का संकलन और पूर्व शिकायत पर हुई कार्रवाई की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। सतनाम सिंह की मौत के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

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