नन्हे हाथों का कमाल, रंगों से रचा इतिहास! 🎨 नैनीताल की 56वीं चित्रकला प्रतियोगिता

0
नैनीताल की 56वीं चित्रकला प्रतियोगिता
नैनीताल की 56वीं चित्रकला प्रतियोगिता

56वीं ऑन-द-स्पॉट बाल चित्रकला प्रतियोगिता-2026 का पुरस्कार वितरण समारोह

मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर ने जीती शारदा संघ ट्रॉफी

CNE REPORTER, नैनीताल। बच्चों की कल्पनाओं को जब रंगों का साथ मिलता है, तो कागज पर उभरती तस्वीरें केवल चित्र नहीं रह जातीं, बल्कि उनकी सोच, संवेदनाओं और रचनात्मकता की खूबसूरत अभिव्यक्ति बन जाती हैं। इसी बाल प्रतिभा को मंच देने और नन्हे कलाकारों का उत्साह बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित 56वीं ऑन-द-स्पॉट बाल चित्रकला प्रतियोगिता-2026 का पुरस्कार वितरण समारोह गुरुवार, 15 अक्टूबर को शारदा संघ सभागार में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। शारदा संघ, नैनीताल की ओर से द नैनीताल बैंक लिमिटेड के सहयोग से आयोजित इस समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कला, संगीत और संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला।


ADVERTISEMENTS

समारोह में कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के कुलसचिव प्रो. रितेश साह मुख्य अतिथि तथा विश्वविद्यालय के फॉरेंसिक साइंस संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. महेंद्र राणा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने बच्चों की कलात्मक प्रतिभा, कल्पनाशीलता और रचनात्मक अभिव्यक्ति की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही कुछ नया सीखने का अवसर भी देती हैं। ऐसे आयोजनों से उनमें आत्मविश्वास विकसित होता है और वे अपनी रुचियों को पहचानकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं।

मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर के नाम रही शारदा संघ ट्रॉफी

प्रतियोगिता के परिणामों में मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर, नैनीताल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतिष्ठित शारदा संघ ट्रॉफी और प्रथम पुरस्कार अपने नाम किया। इस वर्ष मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा। मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर और भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय, नैनीताल दोनों ने समान रूप से 9-9 अंक अर्जित किए। हालांकि, प्रतियोगिता के निर्धारित नियमों के अनुसार विजेता प्रतिभागियों की संख्या अधिक होने के आधार पर मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर को प्रथम स्थान प्रदान किया गया।

पुरस्कारों का विवरण इस प्रकार रहा—

  • प्रथम पुरस्कार एवं शारदा संघ ट्रॉफी: मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर, नैनीताल। यह पुरस्कार बिष्ट परिवार की ओर से डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट की पत्नी स्वर्गीय मंजू बिष्ट की स्मृति में प्रदान किया गया।
  • द्वितीय पुरस्कार एवं द नैनीताल बैंक ट्रॉफी: भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय, नैनीताल। यह पुरस्कार शारदा संघ के पूर्व महासचिव स्वर्गीय घनश्याम लाल साह की स्मृति में दिया गया।
  • तृतीय पुरस्कार एवं कुर्मांचल नगर सहकारी बैंक ट्रॉफी: लॉन्गव्यू पब्लिक स्कूल, नैनीताल। यह पुरस्कार चाइनीज किचन के प्रोपराइटर मोहित गोयल ने अपने पिता स्वर्गीय अनिल कुमार गोयल की स्मृति में प्रदान किया।

प्रतियोगिता में विद्यालयों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया। छह आयु वर्गों में आयोजित इस प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।

मंच पर संगीत की मधुरता और कथक की मनमोहक छटा

पुरस्कार वितरण समारोह केवल सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें संगीत और नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक रंग भी घोले। पंडित चंद्रशेखर पंत संगीत विद्यालय, शारदा संघ के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों से उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ आर्द्रिका, निर्मल जोशी, हर्षिता गुसाईं, स्तुति जोशी और मुस्कान द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत से हुआ। मधुर स्वर लहरियों ने सभागार में खुशनुमा वातावरण बना दिया।

इसके बाद मयंक सिराला ने सितार वादन की प्रस्तुति दी, जिसमें दीपक बिनवाल ने संगत की। सितार की मधुर धुनों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, नीलम तिवाड़ी, अरुमिता साह, दिविशा नेगी, भूमिका बुडलाकोटी, आरुषी आर्या और चेतना आर्या ने कथक नृत्य की प्रस्तुति देकर भारतीय शास्त्रीय नृत्य की सुंदरता और लयबद्धता को मंच पर साकार किया।

सभी प्रस्तुतियों को दर्शकों की सराहना मिली। अतिथियों ने बच्चों की मेहनत, लगन और प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

छह समूहों में चुने गए प्रतिभाशाली बाल कलाकार

प्रतियोगिता को बच्चों की आयु के अनुरूप छह समूहों में विभाजित किया गया था। प्रत्येक समूह में पांच-पांच प्रतिभागियों को सूचीबद्ध किया गया। विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने इसमें हिस्सा लेकर अपनी कला का प्रदर्शन किया।

1. टाइनी टॉट्स समूह (Tiny Tots Group)

  • गुरनाज़ कौर — वृंदावन पब्लिक स्कूल
  • अव्रनील सिंह महरा — लॉन्गव्यू पब्लिक स्कूल
  • अभिजीत — बी.एस.एस.वी., नैनीताल
  • वैभवी राय — एम.एल.एस. बाल विद्या मंदिर
  • प्रिशी जोशी — सेंट मैरीज़ कॉलेज

2. मिनी समूह (Mini Group)

  • अविरल सिंह — सरस्वती शिशु मंदिर
  • लक्ष्य — सी.आर.एस.टी. (प्राइमरी विंग)
  • फैजल — बी.एस.एस.वी., नैनीताल
  • निशिका शर्मा — सेंट जॉन्स पब्लिक स्कूल
  • मोक्ष शाह — वृंदावन पब्लिक स्कूल

3. सब-जूनियर समूह (Sub-Junior Group)

  • चित्राक्षी मठपाल — लॉन्गव्यू पब्लिक स्कूल
  • वेदांश जोशी — सेंट जोसेफ कॉलेज
  • शिरका अधिकारी — सेंट मैरीज़ कॉलेज
  • प्राची — बी.एस.एस.वी., नैनीताल
  • अर्णव बोरा — सेंट जोसेफ्स कॉलेज

4. जूनियर समूह (Junior Group)

  • सारा कृष्णानी — ऑल सेंट्स कॉलेज
  • दिव्यांशु पाठक — बी.एस.एस.वी., नैनीताल
  • जिया बिष्ट — सेंट मैरीज़ कॉलेज
  • संस्कृति मौलखी — सेंट मैरीज़ कॉलेज
  • जागृति बिष्ट — विद्यालय का नाम उपलब्ध नहीं

5. मिडिल समूह (Middle Group)

  • भावेश भट्ट — सनवाल पब्लिक स्कूल
  • वैभवी मेहरा — सेंट मैरीज़ कॉलेज
  • भव्या बिष्ट — एम.एल.एस. बाल विद्या मंदिर
  • त्रिशिखा — बी.एस.एस.वी., नैनीताल
  • विश्वाश छौंकर — शेरवुड कॉलेज

6. सीनियर समूह (Senior Group)

  • कामाक्षी शाक्य — एम.एल.एस. बाल विद्या मंदिर
  • संजना बिष्ट — बी.एस.एस.वी., नैनीताल
  • राफिया परवीन — एम.एल.एस. बाल विद्या मंदिर
  • शालिनी — एम.एल.एस. बाल विद्या मंदिर
  • तेजस्वी कुमार — एम.एल.एस. बाल विद्या मंदिर

इन छह समूहों में शामिल विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी कलात्मक प्रतिभा का परिचय दिया। विभिन्न विद्यालयों की भागीदारी ने आयोजन को व्यापक स्वरूप प्रदान किया और बच्चों को एक-दूसरे की रचनात्मकता से सीखने का अवसर मिला।

ट्रॉफी के साथ नकद पुरस्कार, बच्चों का बढ़ा उत्साह

प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागियों को ट्रॉफी के साथ नकद पुरस्कार भी प्रदान किए गए। पुरस्कार राशि के माध्यम से बच्चों की मेहनत और रचनात्मक उपलब्धियों को प्रोत्साहित किया गया।

नकद पुरस्कारों का विवरण इस प्रकार रहा—

  • प्रथम पुरस्कार: 1,000 रुपये
  • द्वितीय पुरस्कार: 800 रुपये
  • तृतीय पुरस्कार: 600 रुपये
  • सांत्वना पुरस्कार: 400 रुपये

नकद पुरस्कारों के वितरण में शारदा संघ के अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट, प्रभा साह, स्वर्गीय घनश्याम लाल साह की स्मृति में सहयोगकर्ताओं, नागपाल कम्युनिकेशन के प्रोपराइटर सुशील नागपाल, चाइनीज किचन के प्रोपराइटर मोहित गोयल तथा राम सेवक सभा के अध्यक्ष मनोज साह का योगदान रहा।

आयोजकों की ओर से पुरस्कारों की व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को प्रोत्साहित करना और कला के क्षेत्र में उनकी रुचि को आगे बढ़ाना रहा।

संगीत विद्यालय के बच्चों के लिए विशेष Lucky Draw

इस वर्ष शारदा संघ ने सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए एक विशेष पहल भी की। पंडित चंद्रशेखर पंत संगीत विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए विशेष लकी ड्रॉ पुरस्कार की व्यवस्था की गई। इस पहल के प्रायोजन में आशी ग्रुप के प्रबंध निदेशक विनोद दुआ का विशेष योगदान रहा।

इस व्यवस्था ने समारोह में उत्साह का एक और रंग जोड़ दिया। यह पहल संगीत सीख रहे बच्चों को प्रोत्साहित करने और उनकी सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।

कार्यक्रम का संचालन हेमंत बिष्ट ने अपनी मधुर वाणी और प्रभावशाली शैली में किया। उन्होंने समारोह की विभिन्न गतिविधियों को सुव्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाते हुए पूरे आयोजन को आकर्षक बनाए रखा। मंच संचालन के दौरान अतिथियों के स्वागत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पुरस्कार वितरण के बीच सुंदर तालमेल देखने को मिला।

कार्यक्रम के अंत में शारदा संघ के अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट ने सभी अतिथियों, प्रायोजकों, सहयोगियों, विद्यालयों, शिक्षकों, अभिभावकों और प्रतियोगिता में शामिल बच्चों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया।

कला, संस्कृति और बाल प्रतिभा को प्रोत्साहन देने की सार्थक पहल

शारदा संघ की 56वीं ऑन-द-स्पॉट बाल चित्रकला प्रतियोगिता का यह आयोजन इस बात का उदाहरण रहा कि बच्चों की प्रतिभा को सही मंच और प्रोत्साहन मिले, तो उनकी रचनात्मक क्षमताओं को नई दिशा मिल सकती है। चित्रकला के साथ संगीत और नृत्य को स्थान देकर समारोह ने कला एवं संस्कृति के विविध आयामों को एक मंच पर प्रस्तुत किया।

ऐसे आयोजन बच्चों को केवल पुरस्कार जीतने का अवसर ही नहीं देते, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, कल्पनाशीलता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित करते हैं। शारदा संघ का यह प्रयास नैनीताल में बाल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और नई पीढ़ी को कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में सामने आया।

ADVERTISEMENTS